लेख

पं. रामावतार दीक्षित: शाहाबाद की सियासत का वह अध्याय, जिसे वक्त मिटा नहीं सका

लक्ष्मीकान्त पाठककुछ लोग राजनीति में आते हैं और चले जाते हैं, लेकिन कुछ नाम समय के गुजरने के बाद भी अपने दौर की पहचान...

महिला सुरक्षा पर नारे नहीं, ठोस कार्रवाई चाहिए

-पिंजड़ा नहीं, सुरक्षित आसमान चाहिए-सचिन कुमार गौतम- केंद्र की मोदी सरकार और दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार के लिए इससे बड़ी शर्म की बात...

भारतीय मूल की बोधना शिवानंदन ने इतिहास रचा, 11 साल की उम्र में बनीं सबसे युवा ‘महिला ग्रैंडमास्टर’

नई दिल्ली, 29 सितंबर (वेब वार्ता)। भारतीय मूल की 11 वर्षीय बोधना शिवानंदन ने चेस में इतिहास रच दिया है। बोधना ने उज्बेकिस्तान के...

लोकतंत्र की रक्षा और चुनाव आयोग का संकट

-सचिन कुमार गौतमलोकतंत्र को बनाए और बचाए रखने का एकमात्र उपाय है संविधान की बनाई व्यवस्था के मुताबिक निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव। नागरिकों को...
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महिला सुरक्षा पर राजनीति नहीं, जवाबदेही चाहिए

- महिलाओं के लिए खतरनाक बनता देश--सचिन कुमार गौतमभारत में लड़कियों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर रोज नए सवाल खड़े होते हैं। राजधानी...

व्यंग्य की सुई, तानाशाह का गुब्बारा: पुलकित के मजाक ने हिलाया भाजपा का तंत्र

-सचिन कुमार गौतमइंदौर में छात्रों की गूंज कार्यक्रम की जबरदस्त सफलता ने भाजपा के समूचे तंत्र को हिला कर रख दिया है। राहुल गांधी...

भारतीय व्यापारियों पर 100 प्रतिशत टैरिफ का बढ़ा खतरा

-सौरभ वार्ष्णेय-अंतरराष्ट्रीय व्यापार की दुनिया में टैरिफ केवल आयात-निर्यात पर लगाया जाने वाला कर नहीं होता, बल्कि कई बार यह आर्थिक और कूटनीतिक दबाव...

यूपीआई पर शुल्क, नोटबंदी के बाद फिर एक धोखा

-सचिन कुमार गौतम- यूपीआई: 2016 में नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा लिया गया नोटबंदी का फैसला अब भी भारतीय राजनीति और अर्थव्यवस्था में बहस का विषय...
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बदलते समाज की देहरी पर ठिठकता वृद्ध जीवन

बरिष्ठ पत्रकार लक्ष्मीकान्त पाठक का सामाजिक चिंतनकाल-चक्र का घूमता पहिया मनुष्य को निरंतर प्रगति, नवीनता और आधुनिकता के क्षितिज की ओर ले...

शाहाबाद की माटी, स्वाभिमान और सौरभ मिश्रा ‘नीरज’ की राजनीतिक यात्रा

शाहाबाद विधानसभा क्षेत्र, स्थानीय नेतृत्व और सौरभ मिश्रा 'नीरज' की राजनीतिक एवं वैचारिक यात्रा पर वरिष्ठ पत्रकार लक्ष्मीकान्त पाठक का विश्लेषण।

28 जुलाई चातुर्मास: आत्म विकास का अपूर्व अवसर चातुर्मास

-कांतिलाल मांडोत- भारतीय संस्कृति में समय को केवल दिनों और महीनों की गणना नहीं माना गया बल्कि जीवन को दिशा देने वाली शक्ति के...

इस्तीफा तो हो गया लेकिन क्या छात्रों को न्याय मिला? व्यवस्था बदले बिना अधूरा रहेगा पेपर लीक के खिलाफ संघर्ष

-कांतिलाल मांडोत- कई दिनों के धरना-प्रदर्शन के बाद आखिरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। पहली नजर में...
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नीट से शुरू, राजनीति पर खत्म!

-डॉ. प्रियंका सौरभ-लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति यह है कि यहाँ जनता को सरकार से सवाल पूछने का अधिकार है। यही अधिकार लोकतंत्र...

नैतिकता नहीं,भारी युवा आक्रोश के चलते हुआ शिक्षा मंत्री का इस्तीफ़ा

-तनवीर जाफ़री- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहा छात्रों व युवाओं का...

विदेशी शक्तियों और भितरघातियों की जुगलबंदी विफल

लोकतंत्र में असहमति और शांतिपूर्ण प्रदर्शन नागरिक अधिकारों का मूल आधार होता है परन्तु जब असहमति की आड़ में विदेशी धन, अत्याधुनिक तकनीक और...
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