डॉ. प्रियंका ‘सौरभ’
नीट से शुरू, राजनीति पर खत्म!
-डॉ. प्रियंका सौरभ-लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति यह है कि यहाँ जनता को सरकार से सवाल पूछने का अधिकार है। यही अधिकार लोकतंत्र...
सोनम वांगचुक और सुर्खियों से आगे का सच
(मीडिया नैरेटिव बनाम जनसमर्थन: क्या किसी आंदोलन की वास्तविक ताकत कैमरों से तय होती है?) -डॉ. प्रियंका सौरभ-लोकतंत्र में किसी भी आंदोलन की सफलता का...
महंगाई, दोहरी आय और बदलता परिवार
(क्या सचमुच महिलाओं के काम करने से महंगा हुआ जीवन?)-डॉ. प्रियंका सौरभ-आज के समय में यदि किसी मध्यमवर्गीय परिवार से पूछा जाए कि उसकी...
काँपी धरती, टूटी ज़िंदगियाँ
Venezuela Earthquake: वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप की पृष्ठभूमि में आपदा-प्रबंधन, राहत, पुनर्वास, शहरी नियोजन और वैश्विक मानवीय जिम्मेदारी पर डॉ. प्रियंका सौरभ का विचार लेख।
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आँगनवाड़ी प्रणाली का बदलता स्वरूप और भारत का भविष्य
-डॉ. प्रियंका सौरभ-किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसके प्राकृतिक संसाधनों या भौतिक संपदा में नहीं, बल्कि उसकी मानव पूंजी में निहित होती...
धर्मार्थ न्यासों की सामाजिक शक्ति
-डॉ. प्रियंका सौरभ-भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश में विकास का वास्तविक अर्थ केवल आर्थिक वृद्धि नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक...
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