डा. रवीन्द्र अरजरिया
विदेशी शक्तियों और भितरघातियों की जुगलबंदी विफल
लोकतंत्र में असहमति और शांतिपूर्ण प्रदर्शन नागरिक अधिकारों का मूल आधार होता है परन्तु जब असहमति की आड़ में विदेशी धन, अत्याधुनिक तकनीक और...
बलशालियों के समक्ष मौथला होता कानूनी हथियार
भारतीय लोकतंत्र आज एक अत्यंत संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है। स्वतंत्रता के अमृतकाल में जहां एक पारदर्शी, जवाबदेह और लोक-कल्याणकारी व्यवस्था...
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