लेख
“आई हैवन्ट डाइड येट!” लंदन की संसद के सामने गांधी की वह मूर्ति, जो इतिहास से सवाल करती है
गांधी की मूर्ति लंदन की Parliament Square में गांधी की मूर्ति Churchill की प्रतिमा के पास खड़ी है। यह सिर्फ एक स्मारक नहीं, बल्कि गांधी और ब्रिटिश साम्राज्य के बीच ऐतिहासिक संघर्ष और उनकी वैश्विक विरासत की कहानी भी है।
गांधी का पता…
गांधी का पता सिर्फ मकानों और शहरों की कहानी नहीं है। पोरबंदर से राजकोट, लंदन, दक्षिण अफ्रीका, साबरमती, सेवाग्राम और बिड़ला हाउस तक गांधी की ऐतिहासिक यात्रा जानिए।
अरब सागर से पंजाब तक नशे का नेटवर्क देश की सुरक्षा और युवा पीढ़ी के लिए बड़ी चुनौती
-कांतिलाल मांडोत-"समुद्री सीमा की चौकसी के साथ समाज को भी बनना होगा नशामुक्ति की मजबूत दीवार"भारत की समुद्री सीमा से मादक पदार्थों की...
क्या ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई हो सकती है?
-संजय कुमार शर्मा-
चुनाव आयोग को लेकर देश में उठ रहा विवाद अब केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रह गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त...
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हक अपना, पैरवी दूसरे की: जब दलाल ही बन बैठा व्यवस्था की चाबी
जब नागरिक अपने ही हक के लिए बिचौलिये की तलाश करे, तो सवाल सिर्फ दलाली का नहीं, व्यवस्था की पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही का भी है।
पं. रामावतार दीक्षित: शाहाबाद की सियासत का वह अध्याय, जिसे वक्त मिटा नहीं सका
लक्ष्मीकान्त पाठककुछ लोग राजनीति में आते हैं और चले जाते हैं, लेकिन कुछ नाम समय के गुजरने के बाद भी अपने दौर की पहचान...
महिला सुरक्षा पर नारे नहीं, ठोस कार्रवाई चाहिए
-पिंजड़ा नहीं, सुरक्षित आसमान चाहिए-सचिन कुमार गौतम-
केंद्र की मोदी सरकार और दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार के लिए इससे बड़ी शर्म की बात...
भारतीय मूल की बोधना शिवानंदन ने इतिहास रचा, 11 साल की उम्र में बनीं सबसे युवा ‘महिला ग्रैंडमास्टर’
नई दिल्ली, 29 सितंबर (वेब वार्ता)। भारतीय मूल की 11 वर्षीय बोधना शिवानंदन ने चेस में इतिहास रच दिया है। बोधना ने उज्बेकिस्तान के...
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लोकतंत्र की रक्षा और चुनाव आयोग का संकट
-सचिन कुमार गौतमलोकतंत्र को बनाए और बचाए रखने का एकमात्र उपाय है संविधान की बनाई व्यवस्था के मुताबिक निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव। नागरिकों को...
महिला सुरक्षा पर राजनीति नहीं, जवाबदेही चाहिए
- महिलाओं के लिए खतरनाक बनता देश--सचिन कुमार गौतमभारत में लड़कियों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर रोज नए सवाल खड़े होते हैं। राजधानी...
व्यंग्य की सुई, तानाशाह का गुब्बारा: पुलकित के मजाक ने हिलाया भाजपा का तंत्र
-सचिन कुमार गौतमइंदौर में छात्रों की गूंज कार्यक्रम की जबरदस्त सफलता ने भाजपा के समूचे तंत्र को हिला कर रख दिया है। राहुल गांधी...
भारतीय व्यापारियों पर 100 प्रतिशत टैरिफ का बढ़ा खतरा
-सौरभ वार्ष्णेय-अंतरराष्ट्रीय व्यापार की दुनिया में टैरिफ केवल आयात-निर्यात पर लगाया जाने वाला कर नहीं होता, बल्कि कई बार यह आर्थिक और कूटनीतिक दबाव...
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यूपीआई पर शुल्क, नोटबंदी के बाद फिर एक धोखा
-सचिन कुमार गौतम-
यूपीआई: 2016 में नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा लिया गया नोटबंदी का फैसला अब भी भारतीय राजनीति और अर्थव्यवस्था में बहस का विषय...
बदलते समाज की देहरी पर ठिठकता वृद्ध जीवन
बरिष्ठ पत्रकार लक्ष्मीकान्त पाठक का सामाजिक चिंतनकाल-चक्र का घूमता पहिया मनुष्य को निरंतर प्रगति, नवीनता और आधुनिकता के क्षितिज की ओर ले...
शाहाबाद की माटी, स्वाभिमान और सौरभ मिश्रा ‘नीरज’ की राजनीतिक यात्रा
शाहाबाद विधानसभा क्षेत्र, स्थानीय नेतृत्व और सौरभ मिश्रा 'नीरज' की राजनीतिक एवं वैचारिक यात्रा पर वरिष्ठ पत्रकार लक्ष्मीकान्त पाठक का विश्लेषण।
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