लेख
त्योहार तो अमीरों के होते हैं, गरीब तो चूल्हा जलाने के लिए जद्दोजहद करता है
बाजारों में रोशनी का उत्सव, गांवों की चौखट पर अभाव का अंधेरा; बारिश ने किसान की उम्मीदें डुबोईं, महंगाई ने मजदूर की खुशियां छीनीं, बच्चों की मासूम ख्वाहिशों के आगे बेबस हुई पिता की जेब
ईरान ने कर दिया ‘रेजीम चेंज’, ट्रंप के मैगा का मैजिक हुआ फेल!
-सचिन कुमार गौतमअमेरिका के मध्यावधि चुनावों के नतीजे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका साबित हुए हैं। डेमोक्रेटिक...
राहुल का दीवाली गिफ्ट: एक लाल गुलाब, एक खुली चुनौती और मोदी जी के लिए बहस का बुलावा
-सचिन कुमार गौतम31 अक्टूबर को गुजरात के एकतानगर में राष्ट्रीय एकता दिवस के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि...
पत्रकारिता का नया दुश्मन: निजता के नाम पर बना ‘खबर-रोकू’ कानून
-सचिन कुमार गौतममोदी सरकार के बीते बारह वर्षों में भारत में प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर चिंताएं लगातार गहराई हैं। एक ओर कार्पोरेट पूंजी...
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दिल्ली से मुंबई तक: हवा और हुकूमत का संघर्ष
-सचिन कुमार गौतमकेंद्र में नरेन्द्र मोदी के बारह साल के शासन का एक गंभीर परिणाम यह है कि सामान्य बुद्धि को ताक पर रखकर...
‘वोट चोरी’ से लोकतंत्र पर हमला: इंडिया ब्लॉक की दिल्ली महारैली का संदेश
-सचिन कुमार गौतमदिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को हुई इंडिया ब्लॉक की महारैली केवल एक विपक्षी प्रदर्शन नहीं थी; वह लोकतंत्र, मतदाता...
भरोसे का संकट और लोकतंत्र की नई परीक्षा
-सचिन कुमार गौतमजयप्रकाश नारायण ने ‘संपूर्ण क्रांति’ का आह्वान कर एक अलग ऐतिहासिक दौर में इसी तरह के विचार को आगे बढ़ाया था। उनके...
तस्वीरें हट सकती हैं, इतिहास नहीं
-सचिन कुमार गौतमपूरे गीत में किसी का नाम नहीं है, लेकिन जनता समझदार है। वह गीत की पंक्तियों के पीछे छिपे इशारों को पहचान...
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रिजीम चेंज गुनाह नहीं, लोकतंत्र की जरूरत है
-सचिन कुमार गौतम“रिजीम चेंज” यानी सत्ता परिवर्तन का शब्द इस समय मोदी सरकार को बुरी तरह डरा रहा है। वैसे इसे रिजीम चेंज कहें,...
टाइगर श्रॉफ पर गोलीबारी: जेल से चलता अपराध और सवालों का अटल पहाड़
-सचिन कुमार गौतममुंबई के जुहू इलाके में रविवार शाम फिल्म अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलियां चलाई गईं। यह घटना तब हुई, जब...
एसआईआर पर अमित शाह का जवाब क्यों बढ़ा रहा है ‘वोट चोरी’ के सवाल?
-सचिन कुमार गौतममतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को वापस लेने, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और वोट...
जंतर-मंतर बंद, लोकतंत्र का दरवाजा भी?
-सचिन कुमार गौतमलोकतंत्र में जनता की नाराजगी की अभिव्यक्ति के लिए दशकों से महत्वपूर्ण स्थल बन चुके जंतर-मंतर पर अब सरकार की नजर पड़...
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वोट चोरी के खिलाफ उठी आवाज: जब नागरिक अधिकार लोकतंत्र का केंद्रीय सवाल बन गया
-सचिन कुमार गौतमसोमवार, 12 अक्टूबर को देश की राजधानी दिल्ली में विपक्षी दलों के नेतृत्व में आम जनता ने बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन किया।...
एक पिता का संदेश नेहा बोरा के नाम: ‘बेटा, हमें तुम पर गर्व है, अब ठीक से खाना खाओ’
नेहा बोरा की 23 दिन की भूख हड़ताल पर के. शरद हक्सर का भावुक संदेश। एक पिता की चिंता, बेटी के प्रति प्रेम और युवाओं को दूसरों के लिए खड़े होने का साहस देने की सीख।
आदेश सर्वोच्च न्यायालय का, मनमानी सरकार की?
-सचिन कुमार गौतमअक्टूबर 2024 में सर्वोच्च न्यायालय परिसर में न्याय की देवी की नई प्रतिमा स्थापित की गई। इस प्रतिमा की आंखों पर पट्टी...
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