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घर बैठे करें ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग का जलाभिषेक, ई-आराधना से ऑनलाइन पूजन की सुविधा

खंडवा, 15 सितंबर (वेब वार्ता)। ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन और भगवान ओंकारेश्वर का जलाभिषेक करने की इच्छा रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर है। जो श्रद्धालु किसी कारणवश तीर्थनगरी ओंकारेश्वर नहीं पहुंच पाते, वे अब घर बैठे ही ऑनलाइन माध्यम से भगवान का पूजन और अभिषेक कर सकते हैं। मंदिर प्रशासन ने आधिकारिक वेबसाइट पर ‘ई-आराधना’ सुविधा शुरू की है। इसके माध्यम से श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार पूजन की तिथि और समय निर्धारित कर ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं।

मंदिर प्रशासन के अनुसार, इस सुविधा का उद्देश्य देश के दूरदराज क्षेत्रों के साथ-साथ विदेशों में रहने वाले श्रद्धालुओं को भी ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग की धार्मिक सेवाओं से जोड़ना है। ऑनलाइन बुकिंग के बाद श्रद्धालुओं को पूजा में शामिल होने के लिए आवश्यक तकनीकी जानकारी और वीडियो माध्यम से जुड़ने का प्रबंध उपलब्ध कराया जाता है।

इन धार्मिक सेवाओं का ले सकते हैं लाभ

ई-आराधना के माध्यम से श्रद्धालु कई धार्मिक सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। इनमें महामृत्युंजय जाप, पार्थेश्वर पूजन, पंचामृत पूजन, नर्मदा आरती, नर्मदा पूजन और जलाभिषेक प्रमुख हैं।

ऑनलाइन बुकिंग के दौरान श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार पूजन की तिथि और समय का चयन कर सकते हैं। निर्धारित समय पर उन्हें उपलब्ध कराए गए वीडियो माध्यम से घर बैठे पूजन और जलाभिषेक में शामिल होने का अवसर मिलता है।

पूजन संपन्न होने के बाद मंदिर प्रशासन की ओर से प्रसाद भी श्रद्धालु के घर भेजने की व्यवस्था की गई है। प्रसाद डाक सेवा के माध्यम से भेजा जाता है। इससे देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले श्रद्धालुओं को बिना ओंकारेश्वर पहुंचे धार्मिक अनुष्ठान से जुड़ने की सुविधा मिल रही है।

तेलंगाना के श्रद्धालु ने घर बैठे किया जलाभिषेक

ई-आराधना सुविधा का लाभ लेने वाले तेलंगाना निवासी हनुमंत राव ने सोमवार को ऑनलाइन जलाभिषेक के बाद अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि ओंकारेश्वर मंदिर की वेबसाइट पर ई-आराधना का विकल्प देखने के बाद उन्होंने घर बैठे भगवान ओंकारेश्वर का जलाभिषेक करने का निर्णय लिया।

ऑनलाइन बुकिंग के बाद मंदिर प्रशासन की ओर से उन्हें पूजा में शामिल होने से संबंधित आवश्यक तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराई गई। निर्धारित समय पर वीडियो माध्यम के जरिए उन्होंने घर से ही पूजा और जलाभिषेक में भाग लिया।

हनुमंत राव ने बताया कि घर बैठे भगवान ओंकारेश्वर के पूजन और अभिषेक से जुड़ना उनके लिए आनंद और आध्यात्मिक अनुभूति से भरा अनुभव रहा। पूजा संपन्न होने के बाद मंदिर की ओर से प्रसाद भी डाक सेवा के माध्यम से उनके घर पहुंचा।

उन्होंने मंदिर प्रशासन की इस व्यवस्था पर संतोष जताया और देश-विदेश में रहने वाले अन्य श्रद्धालुओं से भी ई-आराधना सुविधा का लाभ लेने की अपील की।

शीघ्र दर्शन की सुविधा भी ऑनलाइन

ओंकारेश्वर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए मंदिर प्रशासन ने ‘शीघ्र दर्शन’ की ऑनलाइन सुविधा भी उपलब्ध कराई है। इसके तहत श्रद्धालु मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी सुविधा के अनुसार दर्शन की तिथि और समय का चयन कर सकते हैं।

ऑनलाइन भुगतान के बाद श्रद्धालु को डिजिटल टोकन उपलब्ध कराया जाता है। मंदिर परिसर पहुंचने पर डिजिटल टोकन दिखाने के बाद श्रद्धालु को कलाई पट्टी दी जाती है। इसके माध्यम से निर्धारित व्यवस्था के तहत उन्हें कम समय में भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन कराने की सुविधा दी जाती है।

दूर रहने वाले श्रद्धालुओं के लिए उपयोगी व्यवस्था

कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि मंदिर प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुविधाजनक तरीके से पूजन, अभिषेक और दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराना है। विशेष रूप से दूरदराज क्षेत्रों और देश-विदेश में रहने वाले श्रद्धालुओं के लिए ई-आराधना व्यवस्था उपयोगी साबित हो रही है।

मंदिर की ऑनलाइन सेवाओं के माध्यम से श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार धार्मिक अनुष्ठान और दर्शन की बुकिंग कर सकते हैं। इससे उन श्रद्धालुओं को भी भगवान ओंकारेश्वर की आराधना से जुड़ने का अवसर मिल रहा है, जो किसी कारण से स्वयं तीर्थनगरी नहीं पहुंच पाते।

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