कोलकाता, 15 सितंबर (वेब वार्ता)। पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने रविवार को अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए। पार्टी ने नंदीग्राम से संचिता प्रधान (डे) और रेजीनगर से रबीउल आलम चौधरी को उम्मीदवार बनाया है। उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही तृणमूल कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी नंदीग्राम से उपचुनाव नहीं लड़ेंगी।
यह घोषणा ऐसे समय हुई है, जब तृणमूल कांग्रेस के भीतर संगठन और नेतृत्व को लेकर खींचतान जारी है। पार्टी के बागी खेमे की ओर से लगातार ममता बनर्जी से नंदीग्राम से चुनाव लड़ने और विधानसभा में वापसी करने की अपील की जा रही थी। अब पार्टी के आधिकारिक गुट ने उम्मीदवारों की सूची जारी कर इस संभावना पर विराम लगा दिया है।
बागी गुट ने ममता से चुनाव लड़ने की अपील की थी
नंदीग्राम को लेकर तृणमूल कांग्रेस के भीतर पिछले कुछ समय से राजनीतिक गतिविधियां तेज थीं। बागी खेमे ने उम्मीदवारों की घोषणा से एक दिन पहले कहा था कि यदि ममता बनर्जी नंदीग्राम से चुनाव लड़ने का निर्णय लेती हैं, तो वह इस सीट पर अपना उम्मीदवार नहीं उतारेगा।
बागी नेताओं की ओर से सार्वजनिक रूप से ममता बनर्जी से नंदीग्राम से चुनाव लड़ने की अपील की जा रही थी। उनका कहना था कि ममता के विधानसभा में लौटने से पार्टी को राजनीतिक रूप से मजबूती मिलेगी। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस की ओर से जारी उम्मीदवार सूची ने स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी ने इस उपचुनाव के लिए ममता बनर्जी को मैदान में नहीं उतारा है।
नंदीग्राम से जुड़ा रहा है ममता का राजनीतिक संघर्ष
नंदीग्राम की सीट ममता बनर्जी की राजनीतिक यात्रा में बेहद महत्वपूर्ण रही है। 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को हराया था। इसके बाद 2026 के विधानसभा चुनाव में भी राजनीतिक समीकरण बदले और ममता बनर्जी भवानीपुर सीट से शुभेंदु अधिकारी के मुकाबले 15,105 मतों से हार गईं।
इस तरह नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटें ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच राजनीतिक मुकाबले के लिहाज से महत्वपूर्ण रही हैं।
शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे से खाली हुई नंदीग्राम सीट
नंदीग्राम सीट 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद खाली हुई। चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी। नियमों के अनुसार एक व्यक्ति एक साथ दो विधानसभा सीटों का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता। इसके चलते शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट अपने पास रखते हुए नंदीग्राम विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया।
इसके बाद नंदीग्राम सीट पर उपचुनाव की स्थिति बनी। चुनाव आयोग ने नंदीग्राम के साथ रेजीनगर विधानसभा सीट के लिए भी उपचुनाव की तारीख घोषित की है। दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होगा, जबकि 9 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी।
टीएमसी के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर भी विवाद
उपचुनाव की घोषणा के बीच तृणमूल कांग्रेस के भीतर संगठनात्मक विवाद भी गंभीर बना हुआ है। एक ओर ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला आधिकारिक गुट है, जबकि दूसरी ओर ऋतब्रता बनर्जी के नेतृत्व वाला बागी गुट अपने को असली तृणमूल कांग्रेस बता रहा है।
दोनों पक्षों ने चुनाव आयोग का रुख किया है और पार्टी के नाम तथा दो फूल वाले चुनाव चिन्ह पर अपना दावा पेश किया है। इससे उपचुनाव से पहले पार्टी के भीतर विवाद और गहरा गया है।
चुनाव आयोग ने मांगे अतिरिक्त दस्तावेज
चुनाव आयोग ने 12 सितंबर को दोनों पक्षों की सुनवाई की थी। बताया गया है कि आयोग ने बागी खेमे से कुछ अतिरिक्त दस्तावेज भी मांगे हैं। वहीं, उम्मीदवारों के नामांकन की अंतिम तिथि 16 सितंबर है।
ऐसे में नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस के भीतर पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर चल रहा विवाद महत्वपूर्ण हो गया है। उम्मीदवारों की घोषणा के बाद एक बात जरूर स्पष्ट हो गई है कि ममता बनर्जी नंदीग्राम के इस उपचुनाव में सीधे मुकाबले में नहीं उतरेंगी।




