राज्यमध्य प्रदेशयूसीसी के विरोध में मध्य प्रदेश में मुस्लिम...

यूसीसी के विरोध में मध्य प्रदेश में मुस्लिम समाज का प्रदर्शन, जिला मुख्यालयों पर सौंपे ज्ञापन

नई दिल्ली, 19 अगस्त (वेब वार्ता)। समान नागरिक संहिता के विरोध में बुधवार को मध्य प्रदेश में मुस्लिम समुदाय ने प्रदेशव्यापी प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के आह्वान पर प्रदेश के करीब 50 जिला मुख्यालयों पर मुस्लिम समाज के लोगों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति के नाम अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे और समान नागरिक संहिता को वापस लेने की मांग की। भोपाल समेत कई जिलों में महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में प्रदर्शन में भाग लिया।

विधायक आरिफ मसूद ने बताया कि समान नागरिक संहिता के विरोध में आंदोलन का यह पहला चरण है। उनके अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों में मुस्लिम संगठनों और समुदाय के प्रतिनिधियों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने दावा किया कि अब तक करीब 35 से 38 जिलों से ज्ञापन सौंपे जाने की जानकारी उनके पास पहुंच चुकी है, जबकि अन्य जिलों से भी जानकारी एकत्र की जा रही है। मसूद के अनुसार भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, दमोह, रायसेन, खरगोन, मंदसौर और नीमच सहित कई जिलों में प्रतिनिधिमंडलों ने अधिकारियों को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपे। उन्होंने कहा कि सभी जिलों की विस्तृत सूची तैयार कर जल्द सार्वजनिक की जाएगी।

भोपाल में महिलाओं की बड़ी भागीदारी

राजधानी भोपाल में मुस्लिम समाज का 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर कार्यालय पहुंचा और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर समान नागरिक संहिता का विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाएं भी शामिल हुईं। मसूद ने बताया कि प्रदेश के अधिकांश जिलों में प्रतिनिधिमंडलों में महिलाओं की भागीदारी अधिक रही। उनके अनुसार कई स्थानों पर 10 से 15 महिलाएं और 4 से 5 पुरुष प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा रहे।

व्यक्तिगत कानूनों की स्वतंत्रता का दिया हवाला

मध्य प्रदेश में यूसीसी के विरोध में मुस्लिम समाज का प्रदर्शन, 50 जिला मुख्यालयों पर सौंपे ज्ञापनआरिफ मसूद ने कहा कि मुस्लिम समाज अपने व्यक्तिगत कानूनों के तहत मिलने वाले अधिकारों को बनाए रखने की मांग कर रहा है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 29 का उल्लेख करते हुए कहा कि नागरिकों को अपनी संस्कृति और अधिकारों की रक्षा का संवैधानिक आधार प्राप्त है। उनका कहना है कि समान नागरिक संहिता के मौजूदा स्वरूप से इन अधिकारों को लेकर मुस्लिम समाज में चिंता है। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता के विरोध का उद्देश्य संविधान में प्रदत्त अधिकारों की रक्षा करना है। मसूद ने इसे लेकर सरकार से कानून वापस लेने की मांग की और कहा कि मुस्लिम समाज अपने संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण के लिए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाता रहेगा।

चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा

आरिफ मसूद ने स्पष्ट किया कि विरोध प्रदर्शन केवल ज्ञापन सौंपने तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता के खिलाफ आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा और आने वाले समय में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज और विभिन्न संगठन इस मुद्दे पर अपनी मांग सरकार तक पहुंचाते रहेंगे। मसूद ने समान नागरिक संहिता को वापस लेने की मांग दोहराते हुए कहा कि संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

Latest

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -

More articles

- Advertisement -
- Advertisement -