नई दिल्ली, 27 मई (वेब वार्ता)। भारत की मेजबानी में नई दिल्ली में मंगलवार को क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र, समुद्री सुरक्षा, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और समुद्री संपर्क मार्गों में आने वाली रुकावटों सहित कई अहम वैश्विक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक ऐसे समय में हुई जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ते सामरिक तनाव और समुद्री गतिविधियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंताएं बढ़ रही हैं।
बैठक के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि यह एक बेहद सार्थक और उपयोगी बैठक रही, जिसकी अधिकांश चर्चाएं दुनिया के मौजूदा हालात पर केंद्रित थीं। उन्होंने कहा कि क्वाड देशों ने हिंद-प्रशांत से जुड़े विशेष मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया और क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूत बनाने पर सहमति जताई।
एस जयशंकर ने कहा कि क्वाड चार समुद्री लोकतांत्रिक देशों का समूह है, जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में स्थित हैं। ऐसे में आपसी विचार-विमर्श और रणनीतिक सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है। उन्होंने बताया कि समुद्री क्षेत्र में सहयोग लगातार बढ़ रहा है, जिसमें निगरानी, समुद्री क्षेत्र जागरूकता, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, समुद्र के भीतर बिछी संचार केबल, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि क्वाड का प्रमुख ध्यान हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर बना रहेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती, संपर्क मार्गों में बाधा, उत्पादन और संसाधनों के अत्यधिक केंद्रीकरण तथा महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना की कमी जैसी चुनौतियां सामने हैं। इन समस्याओं से निपटने के लिए मजबूत साझेदारी और सहयोग की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।
जयशंकर ने समुद्री सुरक्षा के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि रणनीतिक भरोसे को मजबूत करना, समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करना और आर्थिक विकल्पों को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। उनके अनुसार भरोसे और पारदर्शिता पर आधारित साझेदारी ही इन चुनौतियों से निपटने का सबसे प्रभावी तरीका हो सकती है।
विदेश मंत्री ने कहा कि समुद्री लोकतंत्र और बाजार आधारित अर्थव्यवस्थाओं के रूप में क्वाड देशों की साझा जिम्मेदारी है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र स्वतंत्र, खुला और स्थिर बना रहे। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र वैश्विक विकास और स्थिरता का महत्वपूर्ण केंद्र बना रहना चाहिए।
बैठक में ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका के विदेश मंत्रियों ने भी अपने विचार रखे। ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने क्वाड को और मजबूत तथा प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सदस्य देश एक शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि हाल की वैश्विक घटनाओं ने उन क्षेत्रों की प्रासंगिकता और बढ़ा दी है, जिन पर क्वाड साथ मिलकर काम कर रहा है। उनके अनुसार ऊर्जा सुरक्षा, समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता और महत्वपूर्ण खनिजों से जुड़े मुद्दों का समाधान क्वाड जैसी साझेदारी के माध्यम से अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।
बैठक में समुद्री संपर्क मार्गों को निर्बाध बनाए रखने और वैश्विक व्यापारिक गतिविधियों को प्रभावित करने वाली चुनौतियों पर भी चर्चा हुई। कूटनीतिक हलकों में इस बैठक को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग और सामरिक समन्वय को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




