हिसार, 27 मई (वेब वार्ता)। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) में नए शैक्षणिक सत्र के लिए स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। इच्छुक अभ्यर्थी 15 जून तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पात्र विद्यार्थियों से निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है।
कुलपति प्रो. बीआर कांबोज ने बताया कि बीटेक कृषि अभियांत्रिकी तथा बीटेक कृषि अभियांत्रिकी-एलईईटी पाठ्यक्रमों में दाखिला हरियाणा राज्य काउंसलिंग सोसायटी द्वारा आयोजित जेईई मुख्य परीक्षा 2026 और एलईईटी-2026 की मेरिट के आधार पर होगा। सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 1500 रुपये निर्धारित किया गया है, जबकि अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और दिव्यांग श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए यह शुल्क 375 रुपये रखा गया है।
स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अलग-अलग मानदंड तय किए गए हैं। 2+4 वर्षीय बीएससी ऑनर्स कृषि पाठ्यक्रम में प्रवेश दसवीं के बाद आयोजित कृषि योग्यता परीक्षा के आधार पर होगा। वहीं चार वर्षीय बीएससी ऑनर्स कृषि, मत्स्य विज्ञान, सामुदायिक विज्ञान, एग्रीबिजनेस प्रबंधन, भौतिक विज्ञान, जीवन विज्ञान तथा बीटेक बायोटेक्नोलॉजी जैसे पाठ्यक्रमों में प्रवेश 12वीं के बाद आयोजित प्रवेश परीक्षा के आधार पर मिलेगा।
स्नातकोत्तर और पीएचडी पाठ्यक्रमों के लिए विश्वविद्यालय के विभिन्न महाविद्यालयों में कॉमन एंट्रेंस टेस्ट के माध्यम से दाखिले होंगे। कृषि महाविद्यालय में कृषि अर्थशास्त्र, कृषि विस्तार शिक्षा, एग्रोनॉमी, बागवानी, आनुवंशिकी एवं पौध प्रजनन, प्लांट पैथोलॉजी, कीट विज्ञान, बीज विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, मृदा विज्ञान तथा सब्जी विज्ञान जैसे विषय उपलब्ध हैं।
मौलिक एवं मानविकी महाविद्यालय में बायोकेमिस्ट्री, रसायन विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान, खाद्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, गणित, सूक्ष्म जीव विज्ञान, भौतिकी, प्लांट फिजियोलॉजी, समाजशास्त्र, सांख्यिकी और जूलॉजी विषयों में प्रवेश दिया जाएगा। सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय में परिधान एवं वस्त्र विज्ञान, विस्तार शिक्षा एवं संचार प्रबंधन, खाद्य एवं पोषण, मानव विकास एवं पारिवारिक अध्ययन तथा संसाधन प्रबंधन एवं उपभोक्ता विज्ञान जैसे पाठ्यक्रम शामिल हैं।
कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में फार्म मशीनरी एवं पावर इंजीनियरिंग, मृदा एवं जल संरक्षण इंजीनियरिंग, अक्षय ऊर्जा इंजीनियरिंग तथा प्रोसेसिंग एवं फूड इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम उपलब्ध रहेंगे। वहीं कॉलेज ऑफ बायोटेक्नोलॉजी में कृषि जैव प्रौद्योगिकी, बायोइन्फॉर्मेटिक्स, आणविक जीव विज्ञान एवं जैव प्रौद्योगिकी, बायो नैनोटेक्नोलॉजी और औद्योगिक जैव प्रौद्योगिकी विषयों में दाखिले किए जाएंगे।
कॉलेज ऑफ फिशरीज साइंस में एक्वाकल्चर, जलीय पशु स्वास्थ्य प्रबंधन, मत्स्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी, मत्स्य संसाधन प्रबंधन, जलीय पर्यावरण प्रबंधन, मत्स्य अभियांत्रिकी, मत्स्य विस्तार और मत्स्य अर्थशास्त्र विषय शामिल किए गए हैं। कुलपति ने बताया कि सीएसआईआर-यूजीसी-जेआरएफ और आईसीएआर से जुड़े विद्यार्थियों के पीएचडी दाखिले इसी सेमेस्टर में होंगे, जबकि हरियाणा निवासी विद्यार्थियों के पीएचडी प्रवेश दूसरे सेमेस्टर में आयोजित किए जाएंगे।
विश्वविद्यालय के गुरुग्राम स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट एंड एग्रीप्रेन्योरशिप में एमबीए एग्रीबिजनेस, एमबीए सामान्य, ग्रामीण प्रबंधन में स्नातकोत्तर तथा ग्रामीण प्रबंधन में पीएचडी पाठ्यक्रम भी उपलब्ध रहेंगे। कुलसचिव डॉ. पवन कुमार ने बताया कि स्नातकोत्तर डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस एप्लीकेशन इन एग्रीकल्चर एंड एनवायरमेंट, मानव पोषण एवं डायटेटिक्स तथा स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन शामिल हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का हरियाणा का स्थायी निवासी होना आवश्यक है। आवेदन पत्र और विवरण पुस्तिका विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। सीटों की संख्या, पात्रता, महत्वपूर्ण तिथियों और प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर देखी जा सकती है।




