कोलकाता | 11 जून (वेब वार्ता)। तृणमूल कांग्रेस में अंदरूनी मतभेद और संभावित फूट की चर्चाओं के बीच पार्टी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि वह ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के साथ पूरी निष्ठा और मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि ममता बनर्जी का साथ देना केवल राजनीतिक निर्णय नहीं, बल्कि उनका फर्ज है।
एक समाचार एजेंसी से बातचीत के दौरान शत्रुघ्न सिन्हा ने आसनसोल और पश्चिम बंगाल की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें वहां के लोगों से अपार स्नेह और समर्थन मिला है। उन्होंने बताया कि ममता बनर्जी के बुलावे और उनके निर्देश पर ही वह आसनसोल आए थे और जनता ने उन्हें भरपूर समर्थन देकर संसद तक पहुंचाया।
आसनसोल की जनता का जताया आभार
शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि उन्होंने आसनसोल से पहली बार उपचुनाव में रिकॉर्ड मतों के अंतर से जीत हासिल की थी। इसके बाद आम चुनाव में भी जनता ने उन पर विश्वास जताते हुए उन्हें बड़े अंतर से विजयी बनाया। उन्होंने कहा कि वह केवल किसी एक दल के समर्थकों के लिए नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल के हर नागरिक के लिए काम करते हैं, चाहे उनकी राजनीतिक विचारधारा कुछ भी हो।
कठिन दौर में ममता बनर्जी ने दिया था साथ
अपने राजनीतिक जीवन के एक चुनौतीपूर्ण दौर को याद करते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि वर्ष 2019 में पटना से चुनाव हारने के बाद वह बेहद कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे थे। उस समय बहुत कम लोग उनके साथ खड़े थे, लेकिन ममता बनर्जी ने उनका मनोबल बढ़ाया और उन्हें राजनीतिक रूप से नई दिशा दी।
उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी चाहती थीं कि वह बिना किसी विराम के संसद में अपनी भूमिका निभाते रहें। उनके आग्रह पर ही उन्होंने आसनसोल से चुनाव लड़ने का फैसला किया और जनता के समर्थन से जीत दर्ज की।
अफवाहों पर दिया स्पष्ट संदेश
पिछले कुछ दिनों से शत्रुघ्न सिन्हा को लेकर विभिन्न प्रकार की अटकलें लगाई जा रही थीं। कुछ राजनीतिक हलकों में यह चर्चा थी कि वह किसी बागी गुट के संपर्क में हैं। इन चर्चाओं को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि वह स्वभाव से स्पष्टवादी हैं और हमेशा सच बोलने में विश्वास रखते हैं।
उन्होंने कहा, “अगर सच बोलना बगावत है, तो मैं बागी हूं।” हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इसका अर्थ पार्टी नेतृत्व के खिलाफ जाना नहीं है और वह ममता बनर्जी को किसी भी परिस्थिति में नहीं छोड़ सकते।
‘ममता जी का साथ देना मेरी जिम्मेदारी’
शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि वह दो बार तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिन्ह ‘जोड़ा फूल’ पर जीतकर लोकसभा पहुंचे हैं। ऐसे में ममता जी और पार्टी के साथ खड़ा होना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जब उनके कठिन समय में ममता बनर्जी ने उनका साथ दिया था, तो आज उनका भी कर्तव्य है कि वह पार्टी और नेतृत्व के प्रति अपनी निष्ठा निभाएं।
उन्होंने कहा कि वह अपनी जिम्मेदारियों को भली-भांति समझते हैं और आगे भी पूरी ईमानदारी के साथ उन्हें निभाते रहेंगे। उनके इस बयान को तृणमूल कांग्रेस में फूट की अटकलों पर पूर्ण विराम लगाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।




