जयपुर, 11 जून (वेब वार्ता)। राजस्थान की राज्यसभा की तीनों सीटों पर निर्वाचन निर्विरोध संपन्न हो गया है। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भाजपा के सतीश पूनिया और अलका सिंह गुर्जर तथा कांग्रेस के नीरज डांगी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। इसके बाद निर्वाचन अधिकारियों ने तीनों नव-निर्वाचित सदस्यों को प्रमाण पत्र सौंप दिए।
राज्यसभा चुनाव के लिए दाखिल नामांकन पत्रों की जांच के दौरान सभी उम्मीदवारों के नामांकन वैध पाए गए। नाम वापसी की अंतिम समय-सीमा समाप्त होने तक किसी अन्य प्रत्याशी के मैदान में नहीं रहने से तीन सीटों के लिए केवल तीन उम्मीदवार ही शेष बचे। ऐसे में मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी और निर्वाचन निर्विरोध संपन्न हो गया।
तीन सदस्यों का कार्यकाल हो रहा है समाप्त
इन सीटों पर वर्तमान में केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, भाजपा के राजेंद्र सिंह गहलोत और कांग्रेस के नीरज डांगी सदस्य के रूप में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इन तीनों का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है। अब नए निर्वाचित सदस्यों के उच्च सदन में पहुंचने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
राज्यसभा में नहीं बदलेगा राजनीतिक संतुलन
राज्यसभा चुनाव के परिणाम के बाद भी राजस्थान का राजनीतिक समीकरण पहले जैसा ही बना रहेगा। राज्य की कुल 10 राज्यसभा सीटों में भाजपा और कांग्रेस के पास पांच-पांच सदस्य बने रहेंगे। इस प्रकार उच्च सदन में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करने वाले दलों की संख्या में कोई परिवर्तन नहीं होगा।
भाजपा और कांग्रेस ने बनाए रखा संतुलन
भाजपा ने अपनी ओर से सतीश पूनिया और अलका सिंह गुर्जर को उम्मीदवार बनाया था, जबकि कांग्रेस ने नीरज डांगी पर एक बार फिर भरोसा जताया। निर्विरोध निर्वाचन के साथ दोनों प्रमुख दलों ने राज्यसभा में अपना मौजूदा संख्याबल बरकरार रखा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस निर्वाचन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राजस्थान से राज्यसभा में दलगत संतुलन फिलहाल स्थिर बना रहेगा और निकट भविष्य में उच्च सदन में राज्य के प्रतिनिधित्व की तस्वीर में कोई बदलाव देखने को नहीं मिलेगा।




