लेख
अटेंशन प्लीज! लोकसभा चुनाव 2024 के बाकी तीन चरणों के उम्मीदवारों, उम्मीदवारी खारिज़ हो सकती है
-एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया-
वैश्विक स्तरपर दुनियां के सबसे बड़े और विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश भारत में जारी सबसे बड़े...
MP LS Chunav: मध्यप्रदेश की आधी लोकसभा सीटों पर प्रभाव, फिर भी भाजपा कांग्रेस की पसंद से बाहर मुस्लिम वोटर
-खान आशु-
मध्यप्रदेश की कुल 29 लोकसभा सीटों से करीब आधी ऐसी हैं, जिन पर मुस्लिम बहुलता है। 10 प्रतिशत से ज्यादा वोटर्स रखने...
क्या यह सभी टुकड़े ‘टुकड़े गैंग’ के ‘राष्ट्र विरोधी’ व ‘राम द्रोही’ हैं?
-तनवीर जाफ़री-
18वीं लोकसभा के लिये होने जा रहे आम चुनावों में सभी राजनैतिक दल चुनाव प्रचार में कूद पड़े हैं। सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी...
कट्टरता की कटार से मानवता की छाती भेदने की तैयारी
-डा. रवीन्द्र अरजरिया-
तीसरे विश्व युध्द की दस्तक होने लगी है। इजराइल का हमास के साथ हो रहे युध्द का विस्तार अब ईरान तक पहुंच...
- Advertisement -
एक बड़े राजनीतिक पतन को दर्शाते हैं चुनावी बॉन्ड्स
-जगदीश रत्तनानी-
भारत का उदारीकरण निजी क्षेत्र को लाइसेंस-नियंत्रण-राज से मुक्त करने, जॉन मेनार्ड कीन्स के शब्दों में आर्थिक संकट या आर्थिक अनिश्चितता के समय...
महिला सशक्तिकरण के हिमायती थे डा.आम्बेडकर
-रमेश सर्राफ धमोरा-
हर वर्ष 14 अप्रैल को बाबासाहेब डा.भीमराव आम्बेडकर की जयन्ती मनायी जाती है। बाबासाहेब की जयन्ती पर लोगों को संकल्प लेना चाहिये...
चुनावी बांड पटाक्षेप और ‘ग़ुलाम मीडिया’ में पसरा सन्नाटा
-तनवीर जाफ़री-
लोकसभा चुनावों से ठीक पहले सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर आख़िरकार भारतीय स्टेट बैंक ने चुनावी बॉन्ड ख़रीद का विस्तृत डेटा अदालत को...
सत्ता के भिखारियों की बगुला-भक्ति
-डा. रवीन्द्र अरजरिया-चुनावी संग्राम की दुन्दुभी बज चुकी है। राजनैतिक दलों के महारथियों को उनके राजाओं व्दारा शक्ति संपन्न बनाकर मैदान में उतारा जा...
- Advertisement -
आचार संहिता के पहले समान नागरिकता कानून….?
-ओमप्रकाश मेहता-
अपने तीसरे प्रधानमंत्रित्व काल के लिए अनेक घोषणाएं करने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र भाई मोदी की सरकार ने अपनी जीत को पक्की करने के...
इलेक्टोरल बॉन्ड : राष्ट्रवाद की आड़ में रिश्वत और भ्रष्टाचार?
-तनवीर जाफ़री-
नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा 2017-18 में शुरू की गयी 'संदिग्ध व विवादास्पद' इलेक्टोरल बॉन्ड्स स्कीम को देश के माननीय सर्वोच्च न्यायालय की पांच...
चुनावी काल में अशान्ति का दावानल
-डा. रवीन्द्र अरजरिया-
देश को अशान्त करने के लिये सीमा पार से निरंतर प्रयास होते रहे हैं। कभी राजनैतिक दलों ने सीधे प्रहार करके वैमनुष्यता...
भारत रत्न सम्मान के साथ-साथ सियासी दाँव?
-प्रभुनाथ शुक्ल-
भारत रत्न देश का सर्वोच्च सम्मान है। विशिष्ट क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान और राष्ट्रसेवा के लिए कार्य करने के लिए जाता है। यह...
- Advertisement -
पाकिस्तान में लोकतंत्र है या सेना तंत्र
-सुरेश हिंदुस्तानी-
किस्तान के बनने के पश्चात प्रारंभ से पैदा हुई उसकी राजनीतिक दुश्वारियां अभी तक पीछा नहीं छोड़ रही हैं। सत्ता के संघर्ष के...
आरक्षण पर एक जरूरी बहस
-अजीत द्विवेदी-
लोकसभा चुनाव से पहले जहां राजनीतिक स्तर पर आरक्षण की सीमा बढ़ाने या आरक्षण के अंदर आरक्षण की व्यवस्था करने की होड़ मची...
- Advertisement -
- Advertisement -
ताजा खबरें
- Advertisement -
- Advertisement -



