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Lipulekh Pass Border Trade: छह साल बाद भारत-चीन सीमा व्यापार फिर शुरू, पहला दल तिब्बत के लिए रवाना

नई दिल्ली | राष्ट्रीय डेस्क | वेब वार्ता

Lipulekh Pass Border Trade छह वर्ष के अंतराल के बाद एक बार फिर शुरू होने जा रहा है। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले स्थित लिपुलेख दर्रे से भारत-चीन सीमा व्यापार के पहले चरण में 26 भारतीय व्यापारियों का दल तिब्बत क्षेत्र में प्रवेश करेगा। इस दल में 17 व्यापारी और 9 सहायक शामिल हैं। प्रशासन ने व्यापार संचालन को सुचारु बनाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। कोविड-19 महामारी के कारण वर्ष 2020 में बंद हुआ यह व्यापार दोबारा शुरू होने से सीमावर्ती क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।

⚡ संक्षिप्त वार्ता (Quick Info)

  • छह साल बाद लिपुलेख दर्रे से सीमा व्यापार फिर शुरू।
  • पहले चरण में 26 सदस्यीय भारतीय व्यापारिक दल तिब्बत जाएगा।
  • गुंजी में सीमा शुल्क (कस्टम) कार्यालय स्थापित किया गया।
  • नाभीढांग में सामान ढुलाई के लिए खच्चर और घोड़ों की व्यवस्था।
  • 103 से अधिक व्यापारियों ने व्यापार के लिए आवेदन किया।
  • दूसरे चरण में 25 और व्यापारियों को पास जारी किए जाएंगे।

Lipulekh Pass Border Trade की शुरुआत कैसे होगी?

प्रशासन के अनुसार पहले चरण में 26 सदस्यीय दल तिब्बत क्षेत्र में प्रवेश करेगा, जिसमें 17 व्यापारी और 9 सहायक शामिल हैं। व्यापारियों ने अपना सामान पहले ही लिपुलेख दर्रे के निकट स्थित गोदामों में पहुंचा दिया है ताकि सीमा पार व्यापार निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार शुरू किया जा सके।

व्यापार को सुगम बनाने के लिए गुंजी में सीमा शुल्क (कस्टम) कार्यालय स्थापित किया गया है। वहीं नाभीढांग क्षेत्र में सामान की ढुलाई के लिए खच्चरों और घोड़ों की व्यवस्था भी की गई है।

छह साल बाद सीमा व्यापार दोबारा शुरू होने का महत्व क्या है?कोविड-19 महामारी के कारण वर्ष 2020 में सीमा व्यापार रोक दिया गया था। इसके दोबारा शुरू होने से सीमावर्ती क्षेत्रों के व्यापारियों, स्थानीय लोगों और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही पारंपरिक सीमा व्यापार गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।

सीमा व्यापार से जुड़े प्रमुख तथ्य

मुख्य बिंदुविवरण
सीमा दर्रालिपुलेख दर्रा, पिथौरागढ़ (उत्तराखंड)
पहला दल26 सदस्य (17 व्यापारी, 9 सहायक)
आवेदन103 से अधिक व्यापारी
दूसरा चरण25 व्यापारियों को पास जारी किए जाएंगे
बंद होने का कारणकोविड-19 महामारी (2020)
पहली पुनर्बहाली1991 में व्यापार दोबारा शुरू हुआ था

व्यापारियों के लिए क्या तैयारियां की गई हैं?

प्रशासन ने व्यापारियों की सुविधा के लिए आवश्यक बुनियादी व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। गुंजी में कस्टम कार्यालय स्थापित करने के साथ ही व्यापारिक सामान को सुरक्षित रखने के लिए गोदामों की व्यवस्था की गई है। दुर्गम पहाड़ी मार्ग पर सामान पहुंचाने के लिए नाभीढांग क्षेत्र में पशु परिवहन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

अधिकारियों के अनुसार, पहले चरण के बाद दूसरे चरण में 25 और व्यापारियों को सीमा पार व्यापार के लिए पास जारी किए जाएंगे।

सीमावर्ती क्षेत्रों पर इसका क्या असर पड़ेगा?लिपुलेख दर्रे से व्यापार दोबारा शुरू होने से सीमावर्ती क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। इससे स्थानीय व्यापारियों, परिवहन सेवाओं और अन्य जुड़े व्यवसायों को लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है।

सीमा व्यापार को मिलेगी नई गति

भारत-चीन सीमा व्यापार की पुनर्बहाली को सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए सकारात्मक कदम माना जा रहा है। कोविड-19 के बाद पहली बार व्यापारिक गतिविधियां फिर से शुरू होने से स्थानीय व्यापारियों में उत्साह का माहौल है।

आने वाले दिनों में दूसरे चरण के व्यापारिक दलों के रवाना होने के साथ सीमा व्यापार धीरे-धीरे सामान्य स्तर पर पहुंचने की उम्मीद की जा रही है।

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