भोपाल, 12 सितंबर (वेब वार्ता)। मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत करीब दो हजार जनशिक्षकों, बीआरसीसी और बीएसी कर्मचारियों को पिछले दो माह से वेतन नहीं मिला है। लंबे समय से भुगतान लंबित होने के कारण कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। त्योहारों के बीच वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों में निराशा और असंतोष भी बढ़ रहा है।
लंबित वेतन के भुगतान की मांग
वेतन भुगतान में देरी के बीच प्रभारी के तौर पर कार्य कर रहे कुछ कर्मचारियों को उनके मूल विद्यालय से वेतन मिलने की स्थिति भी सामने आई है। इस व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मामले में शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश ने राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक को पत्र भेजकर लंबित वेतन का जल्द भुगतान कराने की मांग की है।
संगठन का कहना है कि प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत कर्मचारी लगातार अपने निर्धारित विभागीय दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें समय पर वेतन नहीं मिलना गंभीर विषय है।
त्योहारों के बीच आर्थिक संकट
शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र कौशल ने कहा कि जनशिक्षक, बीआरसीसी और बीएसी कर्मचारी नियमित रूप से अपने विभागीय दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। ऐसे में लगातार दो माह तक वेतन का भुगतान नहीं होना चिंताजनक है।
उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान कर्मचारियों के सामने अतिरिक्त खर्च भी बढ़ जाता है। ऐसे समय में वेतन नहीं मिलने से उनके परिवारों के सामने आर्थिक कठिनाइयां उत्पन्न हो रही हैं। संगठन ने शासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए लंबित भुगतान की प्रक्रिया जल्द पूरी कराने की मांग की है।
समय पर वेतन नहीं मिला तो उच्च स्तर पर उठेगा मामला
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि लंबित वेतन का जल्द भुगतान नहीं किया गया तो इस मुद्दे को उच्च स्तर पर उठाया जाएगा। संगठन का कहना है कि कर्मचारियों के हितों की अनदेखी होने की स्थिति में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
दो माह से वेतन लंबित होने के कारण प्रभावित कर्मचारियों की निगाह अब शासन और राज्य शिक्षा केंद्र की ओर है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि उनकी समस्या का शीघ्र समाधान करते हुए लंबित वेतन का भुगतान कराया जाएगा।




