हरिद्वार, 21 मई (वेब वार्ता)। हरिद्वार वन प्रभाग की श्यामपुर रेंज में दो बाघों की मौत के मामले ने वन विभाग में हलचल बढ़ा दी है। घटना को गंभीरता से लेते हुए वन मंत्री सुबोध उनियाल ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश जारी किए हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का संकेत दिया है।
वन मंत्री ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद बताया कि मामले में श्यामपुर रेंज अधिकारी विनय कुमार राठी से जवाब तलब किया गया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस प्रकरण में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
वन मंत्री ने प्रमुख वन संरक्षक को विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए हैं। जांच के दौरान यह भी परखा जाएगा कि घटना में किसी प्रकार की विभागीय मिलीभगत या लापरवाही तो शामिल नहीं रही।
जानकारी के अनुसार यह घटना राजाजी टाइगर रिजर्व के बफर जोन से सटे श्यामपुर रेंज के जंगल में हुई, जहां एक नर और एक मादा बाघ मृत पाए गए थे। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया कि दोनों बाघों को कथित रूप से जहर देकर मारा गया और उनके पंजे काटकर गायब कर दिए गए। इस घटना ने वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले का खुलासा होने में वन दरोगा भूपेंद्र बिष्ट और वन रक्षक तरुण सैनी की सतर्क भूमिका महत्वपूर्ण बताई जा रही है। वन मंत्री ने कहा कि विभाग में जवाबदेही तय की जाएगी और जहां लापरवाही सामने आएगी वहां कार्रवाई होगी। वहीं बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित भी किया जाएगा।
वन विभाग की जांच अब इस बात पर केंद्रित है कि बाघों की मौत के पीछे कौन लोग शामिल थे और क्या यह संगठित वन्यजीव अपराध का हिस्सा था। मामले को लेकर क्षेत्र में भी चिंता और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।




