बहादुरगढ़, 21 मई (वेब वार्ता)। नूना माजरा स्थित महाराजा अग्रसेन अस्पताल में सीवर सफाई के दौरान प्लंबर सुनील की दर्दनाक मौत के बाद गुरुवार को माहौल तनावपूर्ण हो गया। मृतक के परिजनों और बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने नागरिक अस्पताल से शव लेने से इनकार कर दिया और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
परिजनों और ग्रामीणों ने घटना के लिए अस्पताल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराते हुए गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सीवर सफाई के दौरान पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए, जिसके कारण यह हादसा हुआ।
आक्रोशित ग्रामीणों ने मृतक परिवार के लिए आर्थिक सहायता और दीर्घकालिक सुरक्षा की मांग उठाई है। उनकी प्रमुख मांगों में मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा और उसकी पत्नी के लिए स्थायी पेंशन की व्यवस्था शामिल है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वे अपना विरोध जारी रखेंगे।
नागरिक अस्पताल परिसर में मौजूद ग्रामीणों ने प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन को चेतावनी भी दी है। उनका कहना है कि यदि मांगों को तत्काल नहीं माना गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा यूनिवर्सिटी के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर व्यापक प्रदर्शन किया जाएगा।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच आज शाम चार बजे ग्रामीणों की एक महत्वपूर्ण पंचायत बुलाई गई है। पंचायत में आगे की रणनीति और आंदोलन की दिशा तय की जाएगी। पंचायत के फैसले के बाद ही परिजनों और ग्रामीणों के अगले कदम स्पष्ट होंगे।
स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस सतर्क है। अस्पताल परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। फिलहाल प्रशासन प्रदर्शनकारियों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश में जुटा है।




