हरदोई, लक्ष्मीकान्त पाठक | वेब वार्ता
जनपद में आयुष चिकित्सा सेवाओं को अधिक प्रभावी और जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से आयोजित जिला आयुष समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। Hardoi AYUSH Meeting के दौरान आयुष चिकित्सालयों में चिकित्सकों और कर्मचारियों की उपस्थिति, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता तथा विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में चिकित्सकों की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने 18 आयुष अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब कर दिया।
सोमवार को स्वामी विवेकानंद सभागार में आयोजित बैठक में आयुष विभाग की योजनाओं, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी चिकित्सा से जुड़े कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई।
- जिला आयुष समिति की बैठक में योजनाओं की समीक्षा
- 18 आयुष अधिकारियों से मांगा गया स्पष्टीकरण
- अनुपस्थिति पर डीएम ने जताई कड़ी नाराजगी
- स्वास्थ्य शिविर और जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश
Hardoi AYUSH Meeting में उपस्थिति पर जोर
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी आयुष चिकित्सालयों में चिकित्सकों और कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने आयुष औषधियों की पर्याप्त उपलब्धता, चिकित्सालयों में स्वच्छता व्यवस्था तथा आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
आयुष योजनाओं और स्वास्थ्य कार्यक्रमों की हुई समीक्षा
जिलाधिकारी ने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा कार्यक्रमों, आयुर्वेद, होम्योपैथी तथा यूनानी चिकित्सा पद्धतियों के प्रचार-प्रसार से संबंधित गतिविधियों की समीक्षा की।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन को आयुष चिकित्सा पद्धतियों के लाभों के प्रति जागरूक करने के लिए नियमित स्वास्थ्य शिविर, जन-जागरूकता अभियान और स्वास्थ्य परामर्श कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
18 अधिकारियों से मांगा गया स्पष्टीकरण
बैठक में चिकित्सकों की अनुपस्थिति पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने दो यूनानी चिकित्सा अधिकारियों तथा 16 आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारियों से स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश जारी किए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि संबंधित अधिकारियों का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी और वेतन भी रोका जा सकता है।
औषधीय पौधों और जनजागरूकता पर विशेष फोकस
बैठक में औषधीय पौधों के संरक्षण और संवर्धन से जुड़े कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि आयुष विभाग की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाया जाए और लोगों को प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों के लाभों की जानकारी दी जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए और निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
| मुख्य बिंदु | निर्देश |
|---|---|
| चिकित्सकों की उपस्थिति | नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश |
| अनुपस्थित अधिकारी | 18 अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब |
| स्वास्थ्य शिविर | नियमित आयोजन के निर्देश |
| औषधीय पौधे | संरक्षण एवं संवर्धन पर जोर |
बैठक में परियोजना निदेशक अशोक कुमार मौर्य, जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी आशा रावत, जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी सहित समिति के सदस्य और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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