हरदोई, लक्ष्मीकान्त पाठक | वेब वार्ता
बाल भिक्षावृत्ति पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत हरदोई रेलवे स्टेशन पर भीख मांग रहे तीन बच्चों को रेस्क्यू किया गया। Child Begging Rescue Hardoi अभियान के दौरान जिला बाल संरक्षण इकाई, एएचटीयू और चाइल्ड हेल्पलाइन की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए बच्चों को सुरक्षित संरक्षण में लिया और बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया।
जिला प्रशासन के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य बच्चों को भिक्षावृत्ति से मुक्त कर शिक्षा और बेहतर भविष्य की ओर जोड़ना है। अधिकारियों ने बच्चों के अभिभावकों को भी कानून और बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूक किया।
⚡ संक्षिप्त वार्ता (News Summary)
- हरदोई रेलवे स्टेशन पर तीन बच्चे भिक्षावृत्ति करते मिले
- संयुक्त टीम ने बच्चों का रेस्क्यू कर सुरक्षित संरक्षण में लिया
- बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किए गए बच्चे
- मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से जोड़ने के निर्देश
Child Begging Rescue Hardoi अभियान में हुई कार्रवाई
जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार निगम ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार 22 जून को रेलवे स्टेशन परिसर में विशेष अभियान चलाया गया। अभियान में जिला बाल संरक्षण इकाई, एएचटीयू, चाइल्ड हेल्पलाइन तथा पुलिस विभाग की संयुक्त टीम शामिल रही।
अभियान के दौरान रेलवे स्टेशन परिसर में तीन बच्चे भिक्षावृत्ति करते हुए पाए गए, जिन्हें तत्काल रेस्क्यू कर सुरक्षित संरक्षण में लिया गया।
तीनों बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष किया गया प्रस्तुत
रेस्क्यू किए गए बच्चों में अंजली (6 वर्ष), नंदनी (8 वर्ष) और आकाश (10 वर्ष) शामिल हैं। टीम ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद तीनों बच्चों को बाल कल्याण समिति (CWC), हरदोई के समक्ष प्रस्तुत किया।
कार्रवाई के दौरान संरक्षण अधिकारी शैलेन्द्र पाठक, रामू यादव, कंचन गुप्ता, बिरेन्द्र शुक्ला, पुलिस कर्मी एवं महिला आरक्षी मौजूद रहे।
क्या है पूरा मामला?विशेष अभियान के दौरान रेलवे स्टेशन परिसर में तीन बच्चे भीख मांगते मिले थे। जिला बाल संरक्षण इकाई और चाइल्ड हेल्पलाइन की संयुक्त टीम ने उन्हें रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां बच्चों के पुनर्वास और शिक्षा से जोड़ने के निर्देश दिए गए।
जालौन के रहने वाले हैं बच्चों के परिजन
बाद में बच्चों के माता-पिता जिला बाल संरक्षण कार्यालय पहुंचे। उन्होंने बताया कि वे ग्राम आटा, थाना आटा, जनपद जालौन के निवासी हैं। मामले की सुनवाई के दौरान बाल कल्याण समिति ने बच्चों के पुनर्वास को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
समिति ने जिला प्रोबेशन अधिकारी, जालौन को निर्देशित किया कि बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) का लाभ दिलाया जाए तथा उनके नियमित फॉलोअप और पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
अभिभावकों को दी गई कानूनी जानकारी
समिति और अधिकारियों ने बच्चों के माता-पिता को समझाया कि बच्चों से भीख मंगवाना कानूनन अपराध है। उन्होंने अभिभावकों को बच्चों का स्कूल में प्रवेश कराकर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की सलाह दी।
अधिकारियों ने कहा कि बच्चों का भविष्य सुरक्षित करना और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराना समाज और परिवार दोनों की जिम्मेदारी है।
| बच्चे का नाम | आयु |
|---|---|
| अंजली | 6 वर्ष |
| नंदनी | 8 वर्ष |
| आकाश | 10 वर्ष |
अब आगे क्या होगा?बाल कल्याण समिति के निर्देशानुसार बच्चों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा। साथ ही उनके पुनर्वास, शिक्षा और नियमित फॉलोअप की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी ताकि वे भिक्षावृत्ति से दूर रहकर सामान्य जीवन जी सकें।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाल भिक्षावृत्ति के खिलाफ ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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