-पत्र सूचना कार्यालय, लखनऊ (पीआईबी) और उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ‘मीडिया संवाद’ कार्यक्रम आयोजित
लखनऊ, 12 सितंबर (वेब वार्ता)। पत्र सूचना कार्यालय, लखनऊ और उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के संयुक्त तत्वावधान में केरल के मीडिया प्रतिनिधियों के साथ ‘मीडिया संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य दोनों राज्यों के पत्रकारों के बीच संवाद, अनुभवों के आदान-प्रदान तथा संस्कृति, विकास, शासन व्यवस्था और मीडिया कार्यप्रणाली से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझने के लिए साझा मंच उपलब्ध कराना था। संवाद में ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करने और उत्तर प्रदेश तथा केरल के बीच आपसी समझ एवं सहयोग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम का आयोजन सूचना निदेशक विशाल सिंह और पत्र सूचना कार्यालय, लखनऊ के निदेशक दिलीप कुमार शुक्ल के दिशा-निर्देशन में किया गया। इस अवसर पर केरल के प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक और मुद्रित मीडिया संस्थानों के पत्रकारों का प्रतिनिधिमंडल लखनऊ दौरे पर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश की संस्कृति, विकास यात्रा और शासन व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।
कानून-व्यवस्था मॉडल पर हुआ विशेष संवाद
‘मीडिया संवाद’ के दौरान केरल के पत्रकारों ने उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किए गए प्रयासों और शासन की कार्यप्रणाली को समझा। प्रतिनिधिमंडल को प्रदेश में कानून-व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। इस दौरान सरकार और जनता के बीच संवाद तथा जनसमस्याओं और सुझावों से जुड़े प्रतिपुष्टि तंत्र पर भी चर्चा हुई।
संवाद का यह पक्ष इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि पत्रकारों को किसी राज्य की शासन व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को प्रत्यक्ष संवाद के माध्यम से समझने का अवसर मिला। दोनों राज्यों के मीडिया प्रतिनिधियों ने अपने-अपने अनुभव साझा किए और जनसरोकार से जुड़े विषयों को समाचारों में स्थान देने की प्रक्रिया पर विचार-विमर्श किया।
केरल की शिक्षा व्यवस्था में यूपी के पत्रकारों की रुचि
कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के पत्रकारों ने केरल की शिक्षा व्यवस्था और शिक्षा के क्षेत्र में उसके बेहतर प्रदर्शन के पीछे प्रमुख कारणों को समझने में विशेष रुचि दिखाई। दोनों पक्षों ने अपने-अपने राज्यों में मीडिया के काम करने के तरीके, स्थानीय मुद्दों और जनसरोकार से जुड़े विषयों को समाचारों में प्रमुखता देने की प्रक्रिया पर चर्चा की।
इस संवाद से पत्रकारों को एक-दूसरे के राज्यों की सामाजिक और विकास संबंधी परिस्थितियों को मीडिया के दृष्टिकोण से समझने का अवसर मिला। साथ ही, दोनों राज्यों में पत्रकारिता के सामने आने वाली चुनौतियों और स्थानीय विषयों की समाचार प्रस्तुति से जुड़े अनुभव भी साझा किए गए।
सिनेमा के माध्यम से सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर चर्चा
मीडिया संवाद में उत्तर और दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग के बीच बढ़ते संबंधों पर भी चर्चा हुई। दोनों क्षेत्रों की फिल्म इंडस्ट्री तथा सिनेमा के माध्यम से सांस्कृतिक आदान-प्रदान की संभावनाओं पर पत्रकारों ने विचार साझा किए।
प्रतिनिधियों ने माना कि सिनेमा विभिन्न भाषाई और सांस्कृतिक क्षेत्रों के लोगों को जोड़ने का प्रभावी माध्यम है। ऐसे संवादों के जरिए अलग-अलग राज्यों की संस्कृति, सामाजिक जीवन और परंपराओं को समझने के अवसर भी बढ़ते हैं।
प्रमुख मीडिया संस्थानों के पत्रकार रहे मौजूद
कार्यक्रम में पत्र सूचना कार्यालय, केरल की निदेशक वी. पार्वती तथा उत्तर प्रदेश सूचना विभाग के अपर निदेशक सूचना अरविंद कुमार मिश्रा उपस्थित रहे। उत्तर प्रदेश और केरल के विभिन्न प्रमुख मीडिया संस्थानों के वरिष्ठ पत्रकारों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
प्रतिनिधिमंडल में एनडीटीवी, इंडिया टीवी, टाइम्स नाउ, मलयाला मनोरमा, केरल कौमुदी, मंगलम, मातृभूमि, द इंडियन एक्सप्रेस और द न्यू इंडियन एक्सप्रेस सहित विभिन्न संस्थानों के पत्रकार शामिल रहे।
‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मिला बल
केरल के मीडिया प्रतिनिधिमंडल का लखनऊ दौरा ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना के अनुरूप दोनों राज्यों के बीच संवाद और अनुभवों के आदान-प्रदान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया। पहल का उद्देश्य विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान, आपसी समझ और राष्ट्रीय एकता की भावना को बढ़ावा देना है।
मीडिया संवाद के माध्यम से उत्तर प्रदेश और केरल के पत्रकारों को एक-दूसरे की शासन व्यवस्था, शिक्षा, संस्कृति, मीडिया कार्यप्रणाली और विकास से जुड़े अनुभवों को समझने का अवसर मिला। इससे दोनों राज्यों के मीडिया प्रतिनिधियों के बीच संवाद की नई संभावनाएं भी बनीं।




