Animal Welfare Slogan on Vehicles: अब बसों और यात्री वाहनों पर अनिवार्य होगा ‘पशुओं पर दया करो’ संदेश

कानपुर, हरी शंकर शर्मा | वेब वार्ता

Animal Welfare Slogan on Vehicles अभियान के तहत केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के निर्देश पर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव लागू किया जा रहा है। अब सभी यात्री वाहनों, रोडवेज बसों और अन्य व्यावसायिक वाहनों पर “पशुओं पर दया करो” जैसे जीव-जंतु संरक्षण से जुड़े जागरूकता संदेश लिखना अनिवार्य होगा। कानपुर आरटीओ विभाग ने इस आदेश को जमीनी स्तर पर लागू करना शुरू कर दिया है।

इस पहल का उद्देश्य आम जनता में बेजुबान पशुओं के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना और पशु संरक्षण का संदेश समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना है। परिवहन विभाग का मानना है कि सड़क पर चलने वाले वाहनों के माध्यम से यह संदेश बड़ी संख्या में लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा।

⚡ संक्षिप्त वार्ता (Quick Info)

  • यात्री वाहनों और बसों पर अनिवार्य होगा जागरूकता संदेश
  • “पशुओं पर दया करो” स्लोगन लिखना होगा जरूरी
  • केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के निर्देश पर कार्रवाई
  • 150 मिमी ऊंचाई के अक्षरों में लिखा जाएगा संदेश
  • फिटनेस सेंटरों पर भी कराया जा रहा अनुपालन

क्या है नया निर्देश?

मोटरयान निरीक्षक संतोष कुमार के अनुसार परिवहन आयुक्त का निर्देश लगभग दो से तीन महीने पहले प्राप्त हो गया था। तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब इसे प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है।

निर्देश के तहत सभी कमर्शियल और सार्वजनिक परिवहन वाहनों पर पशु संरक्षण और जीव-जंतुओं के प्रति दया भाव को बढ़ावा देने वाले संदेश प्रदर्शित किए जाएंगे।

कई भाषाओं में लिखा जा सकेगा स्लोगनआरटीओ विभाग के अनुसार यह संदेश हिंदी और अंग्रेजी के अलावा स्थानीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं में भी लिखा जा सकेगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इसे समझ सकें।

स्लोगन के लिए तय किए गए मानक

परिवहन विभाग ने स्लोगन को स्पष्ट और दूर से दिखाई देने योग्य बनाने के लिए विशेष मानक निर्धारित किए हैं। आदेश के अनुसार संदेश के अक्षरों की न्यूनतम ऊंचाई 150 मिलीमीटर (एमएम) होनी चाहिए।

इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सड़क पर चलने वाले लोग और अन्य वाहन चालक भी आसानी से इन संदेशों को पढ़ सकें।

मुख्य बिंदुविवरण
अभियानपशु संरक्षण जागरूकता
स्लोगन“पशुओं पर दया करो”
भाषाएंहिंदी, अंग्रेजी एवं स्थानीय भाषाएं
न्यूनतम अक्षर ऊंचाई150 मिमी
लागू क्षेत्रयात्री एवं व्यावसायिक वाहन

फिटनेस सेंटरों पर भी हो रहा अनुपालन

आरआई संतोष कुमार ने बताया कि एटीएस फिटनेस सेंटरों पर आने वाले वाहनों में भी यह स्लोगन लिखवाने और स्टिकर लगाने का कार्य कराया जा रहा है। विभाग इस अभियान को संवेदनशीलता के साथ लागू कर रहा है।

उन्होंने कहा कि वाहन स्वामी भी इस पहल में सहयोग कर रहे हैं और पशु संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने में अपनी भागीदारी निभा रहे हैं।

क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?विशेषज्ञों का मानना है कि सड़कों पर लगातार दिखाई देने वाले ऐसे संदेश समाज में पशुओं के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने में मदद करेंगे। इससे पशु क्रूरता की घटनाओं में कमी लाने और जीव-जंतुओं के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में वाहनों की नियमित जांच के दौरान इस निर्देश के अनुपालन की भी समीक्षा की जाएगी। नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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