त्विषा शर्मा मौत मामला: मध्यप्रदेश सरकार ने सीबीआई जांच की प्रक्रिया शुरू की

भोपाल, 22 मई (वेब वार्ता)। भोपाल के चर्चित त्विषा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में मध्यप्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंपने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी को हस्तांतरित करने की सिफारिश की गई है, जिससे अब इस प्रकरण की निष्पक्ष और व्यापक जांच का मार्ग लगभग प्रशस्त माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार त्विषा शर्मा के परिजनों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। परिजनों का आरोप था कि मामले की जांच राज्य स्तर पर प्रभावित हो सकती है, इसलिए इसे बाहरी एजेंसी को सौंपा जाना आवश्यक है। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने परिवार को निष्पक्ष जांच का भरोसा देते हुए केंद्रीय जांच की दिशा में कदम उठाने का आश्वासन दिया था।

गृह विभाग की अधिसूचना के बाद सरकार ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को मामले से जुड़े अपराध, साक्ष्य, दुष्प्रेरण और अन्य संबंधित पहलुओं की जांच की अनुमति भी प्रदान कर दी है। माना जा रहा है कि केंद्रीय एजेंसी पूरे घटनाक्रम की नए सिरे से जांच करेगी और सभी तथ्यों तथा परिस्थितियों का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा।

गौरतलब है कि 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स क्षेत्र स्थित बाग मुगलिया एक्सटेंशन में पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की बहू त्विषा शर्मा मृत अवस्था में मिली थीं। प्रारंभिक जानकारी में मामले को फांसी लगाकर आत्महत्या बताया गया था, किंतु मृतका के परिजनों ने इसे दहेज हत्या बताते हुए गंभीर आरोप लगाए थे। इस मामले ने प्रदेशभर में व्यापक चर्चा और संवेदनशीलता पैदा कर दी थी।

प्रकरण में पुलिस ने गिरिबाला सिंह और उनके पुत्र समर्थ सिंह के विरुद्ध दहेज प्रताड़ना सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था। वर्तमान में गिरिबाला सिंह जमानत पर हैं, जबकि समर्थ सिंह के फरार होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस और प्रशासन की भूमिका को लेकर भी कई प्रश्न उठाए गए थे।

त्विषा शर्मा के परिजन लगातार मामले की जांच राज्य से बाहर की स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग कर रहे थे। साथ ही उन्होंने शव परीक्षण दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में कराने की मांग भी उठाई थी। उनका कहना था कि केवल स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच से ही वास्तविक तथ्य सामने आ सकेंगे।

अब राज्य सरकार की ओर से केंद्रीय जांच की सिफारिश किए जाने के बाद मामले में नए खुलासों की संभावना और पीड़ित परिवार की न्याय की उम्मीद दोनों मजबूत हुई हैं। आने वाले दिनों में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की औपचारिक कार्यवाही इस बहुचर्चित प्रकरण की दिशा तय कर सकती है।

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