शाजापुर, 19 मई (वेब वार्ता)। जिले के शुजालपुर स्थित सिविल अस्पताल में प्रसव के दौरान कथित चिकित्सकीय लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि सामान्य प्रसव के दौरान महिला के शरीर में करीब आधा किलो का स्पंज छूट गया, जिसके कारण वह लगभग एक माह तक दर्द और संक्रमण से जूझती रही। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल मच गई है और संबंधित चिकित्सक तथा नर्सिंग स्टाफ से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
जानकारी के अनुसार ग्राम उगाह निवासी महिला ने 7 अप्रैल को शुजालपुर सिविल अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था। प्रसव के दौरान इस्तेमाल किया गया स्पंज पैक महिला की योनि में ही रह गया। इसके चलते प्रसूता को लगातार दर्द, दुर्गंध, संक्रमण और पेशाब रुकने जैसी गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ा।
परिजनों के अनुसार प्रसव के लगभग दो सप्ताह बाद महिला अपनी परेशानी लेकर दोबारा सरकारी अस्पताल पहुंची, लेकिन आरोप है कि महिला चिकित्सक डॉ. आभा जैन ने बिना विस्तृत जांच किए सामान्य दवाइयां देकर यह कहकर घर भेज दिया कि ऐसी परेशानी सामान्य होती है।
महिला की हालत लगातार बिगड़ती रही। आखिरकार 10 मई को परिजन उसे एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां जांच के दौरान शरीर के भीतर बाहरी वस्तु होने का पता चला। चिकित्सकों ने ऑपरेशन किया, जिसमें महिला के शरीर से करीब आधा किलो का स्पंज निकाला गया। बताया जा रहा है कि यह स्पंज प्रसव के दिन से ही शरीर में फंसा हुआ था।
मामले के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर आक्रोश बढ़ गया है। शिकायत दर्ज होने के कई दिन बाद भी ठोस कार्रवाई नहीं होने पर लोगों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
अस्पताल प्रभारी डॉ. शारदा रामसरिया ने बताया कि मामले में सात नर्सिंग कर्मियों और महिला चिकित्सक डॉ. आभा जैन को सूचना पत्र जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए एक दल गठित किया गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शुजालपुर सिविल अस्पताल में लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है। पूर्व में भी उपचार और प्रसव संबंधी लापरवाही की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होने से ऐसी घटनाएं दोहराई जा रही हैं। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।




