भोपाल, 10 जून (वेब वार्ता)। सड़कों और फुटपाथों पर छोटे कारोबार के जरिए आजीविका चलाने वाले पथ विक्रेताओं को आर्थिक, डिजिटल और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा अभियान शुरू किया है। ‘प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि’ योजना के तहत प्रदेशभर में एक जून से 30 जून तक विशेष महाअभियान चलाया जा रहा है, ताकि हर पात्र पथ विक्रेता तक योजना का लाभ पहुंचाया जा सके।
इस महाअभियान के दौरान जिला मुख्यालयों पर स्वनिधि महोत्सव आयोजित किए जाएंगे, जबकि नगरीय निकायों में ‘सेवाएं आपके द्वार’ की तर्ज पर विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से पथ विक्रेताओं को सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। अभियान का उद्देश्य योजना के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को इससे जोड़ना है।
स्वनिधि महोत्सव में योजना से लाभान्वित पथ विक्रेताओं और उनके परिवारों की प्रेरणादायक सफलता की कहानियां साझा की जाएंगी। इसके साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले पथ विक्रेताओं को सम्मानित किया जाएगा, ताकि अन्य लोग भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित हो सकें।
राज्य शासन, नगरीय निकायों और ऋणदाता संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों से अब तक प्रदेश के 10 लाख से अधिक पथ विक्रेता इस योजना का लाभ प्राप्त कर चुके हैं। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र हितग्राही योजना से वंचित न रहे।
नगरीय निकाय स्तर पर आयोजित होने वाले लोक कल्याण मेलों में पथ विक्रेताओं को विभिन्न प्रकार की वित्तीय और डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके तहत बिना किसी गारंटी के 15 हजार रुपये तक का ऋण, न्यूनतम ब्याज दर पर वित्तीय सहायता, ऋण और क्रेडिट कार्ड संबंधी जानकारी, डिजिटल लेन-देन का प्रशिक्षण तथा बैंकिंग सेवाओं तक आसान पहुंच सुनिश्चित की जाएगी।
अभियान के दौरान बैंकर्स और पथ विक्रेताओं के बीच विशेष बैठकें भी आयोजित होंगी। इन बैठकों का उद्देश्य बैंकिंग सेवाओं की पहुंच अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करना और योजना से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाना है। साथ ही नगरीय निकायों में स्थापित सहायता केंद्रों के माध्यम से पथ विक्रेताओं की समस्याओं और शिकायतों का त्वरित समाधान भी किया जाएगा।
दूरस्थ और कम पहुंच वाले क्षेत्रों में रहने वाले पथ विक्रेताओं को योजना से जोड़ने के लिए सेंसस टाउन स्तर पर विशेष ‘स्वनिधि कैंप’ लगाए जाएंगे। इन शिविरों में नए और अब तक छूटे हुए पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उनका पंजीयन किया जाएगा तथा ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।
मध्य प्रदेश सरकार का मानना है कि यह महाअभियान न केवल पथ विक्रेताओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगा, बल्कि उन्हें डिजिटल लेन-देन और औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम उठाने का अवसर भी प्रदान करेगा। इससे छोटे कारोबारियों की आजीविका को नई मजबूती मिलेगी और उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा।




