कुरुक्षेत्र, 22 जून (वेब वार्ता)। हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के बाबैन उपमंडल स्थित ऐतिहासिक और प्राचीन शिवालय मंदिर में रविवार तड़के एक बड़ा हादसा हो गया। मंदिर का 108 फुट ऊंचा विशाल गुंबद अचानक भरभराकर ढह गया, जिससे मंदिर में सेवा और पूजा-अर्चना की तैयारी कर रहे मुख्य पुजारी की मलबे में दबकर मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में मंदिर का गर्भगृह और पवित्र शिवलिंग भी मलबे के नीचे दब गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा सुबह करीब चार बजे हुआ। उस समय अधिकांश लोग अपने घरों में सो रहे थे। अचानक एक तेज धमाके की आवाज सुनाई दी, जिससे पूरा क्षेत्र दहल उठा। लोग जब तक कुछ समझ पाते, तब तक मंदिर का विशाल गुंबद पूरी तरह धराशायी हो चुका था। गुंबद गिरने के बाद आसपास धूल का घना गुबार फैल गया और क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
पूजा की तैयारी के दौरान हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि हादसे के समय मंदिर के मुख्य पुजारी प्रतिदिन की भांति सुबह की पूजा-अर्चना और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों की तैयारी में लगे हुए थे। गुंबद इतनी तेजी से गिरा कि उन्हें बाहर निकलने का अवसर तक नहीं मिल सका।
धमाके की आवाज सुनकर बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंचे तथा मलबा हटाने का प्रयास शुरू किया। हालांकि, मलबे का आकार अत्यधिक बड़ा होने के कारण पुजारी को समय रहते बाहर नहीं निकाला जा सका और उनकी मृत्यु हो गई।
राहत और बचाव कार्य जारी
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू करते हुए जेसीबी मशीनों की सहायता से मलबा हटाने का कार्य प्रारंभ कराया।
प्रशासन का कहना है कि फिलहाल मलबे को हटाकर पूरे क्षेत्र को सुरक्षित बनाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही हादसे के कारणों की भी जांच की जाएगी।
क्षेत्र में शोक का माहौल
प्राचीन और ऐतिहासिक महत्व रखने वाले शिवालय मंदिर के इस प्रकार अचानक ढह जाने से पूरे क्षेत्र में शोक और सन्नाटे का माहौल है। स्थानीय लोगों में घटना को लेकर गहरा दुख और आक्रोश देखा जा रहा है। मंदिर के पुनर्निर्माण और हादसे के कारणों की जांच को लेकर भी मांग उठने लगी है।




