लेख

बिहार : जहाँ गंदगी व दुर्गन्ध कोई मुद्दा ही नहीं

-तनवीर जाफ़री- अशोक, बुद्ध व गाँधी जैसे महापुरुषों की कर्मस्थली बिहार सौभाग्यवश मेरी भी पैतृक स्थान है। इस नाते जन्म से ही अपने गांव में...

लोकतंत्र को सशक्त बनाने के प्रयास और संवैधानिक मूल्य

-राम पुनियानी- वी-डेम इंस्टिट्यूट की भारत के संबंध में रपट, जो द हिंदू में प्रकाशित की गई है, में कहा गया है कि यह रेखांकित...

बिहार में पुरानी खोई हुई जमीन तलाशती कांग्रेस

-कुमार कृष्णन- बिहार विधानसभा चुनाव से पहले बिहार में कांग्रेस के प्रयोग अपने ही गठबंधन के साथियों के लिए उनकी ही चुनौतियों को बढ़ाते जा...

राहुल गांधी के बयान के बाद कांग्रेस में मंथन शुरू

-प्रदीप कुमार वर्मा- डेढ़ सौ साल पुरानी देश की इकलौती पार्टी कांग्रेस में इन दिनों संगठन की मजबूती के लिहाज से “सर्जरी” का दौर चल...
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अब क्या करेंगे किसान?

वेबवार्ता - डेस्क किसानों का 404 दिन पुराना आंदोलन मात्र चार घंटे में ही कुचल दिया गया। पंजाब-हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर सीमेंट बैरिकेड तोड़...

विश्व जल दिवस : जल संरक्षण के लिए अब नहीं तो कभी नहीं

-योगेश कुमार गोयल- जल संकट दुनिया के लगभग सभी देशों की एक विकट समस्या बन चुका है। हालांकि पृथ्वी का करीब तीन चौथाई हिस्सा पानी...

जल दिवस विशेष : अतीत की गोद में सोए तालाब और बावड़ियाँ: बस पानी ही नहीं, कहानियों का खजाना

-डॉ. सत्यवान सौरभ- अगर हम तालाबों और बावड़ियों को सिर्फ़ पानी जमा करने की जगह समझते हैं, तो शायद हम उनके साथ न्याय नहीं कर...

स्वच्छ जल संरक्षण हेतु जल की एक-एक बूंद का महत्व

-अरविन्द जैमिनी- विश्व भर में स्वच्छ जल की कमी एवं जल स्तर के कम हो जाने के कारण संयुक्त राष्ट्र ने दुनिया में पानी के...
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औरंगजेब की कब्र पर बढ़ता विवाद

-कुलदीप चंद अग्निहोत्री- शैतानी रूहों के बारे में कहा जाता है कि वे अपनी कब्र से बार-बार बाहर निकलती रहती हैं। यत्नपूर्वक इन शैतानी रूहों...

तलाक की भेंट चढ़ते ‘तेरे मेरे सपने’

आजकल तलाक के बढ़ते मामलों ने समाज में एक नई चिंता को जन्म दिया है। चाहे अरेंज मैरिज हो या प्रेम विवाह, रिश्तों में...

21 मार्च अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस पर विशेष: मानव सभ्यता और वन: एक अटूट संबंध

-उमेश कुमार सिंह- भारत में वनों का विशेष महत्व है। प्राचीन काल से ही भारतीय संस्कृति और सभ्यता वनों की गोद में पली-बढ़ी है। ऋषि-मुनियों...

21 मार्च विश्व कविता दिवस पर विशेष: कविता की शक्ति एक सार्वभौमिक कला

-सुरेश सिंह बैस शाश्वत- हर साल 21 मार्च को दुनिया भर से लोग विश्व कविता दिवस मनाया जाता है। यह दिन कविता की शक्ति को...
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क्या राजनीति में सब दाग अच्छे हैं?

चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक दलों की बयानबाजी अक्सर चरम पर पहुंच जाती है। पार्टी नेता अपनी बात बेबाकी से कहने लगते हैं, जिससे...

विश्व गौरैया दिवस (20 मार्च 2025) पैर विशेष: तू है चिड़िया मेरे आंगन की

-रमेश सर्राफ धमोरा- हमारे घर के आंगन में सबसे बड़ी संख्या में एक छोटी चिड़िया देखने को मिलती है जिसे हम गौरैया कहते हैं। यह...

विश्व गौरैया दिवस (20 मार्च 2025) पैर विशेष: गौरैया के बिना जीवन संगीत अधूरा

-ललित गर्ग- गौैरैया विलुप्त होने की कगार पर पंहुची विश्व की सबसे पुरानी पक्षी प्रजाति है। सुदूर अतीत से पिछले एक-दो दशक तक हमारे घर-आंगन...
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