मुंबई, 31 जुलाई (वेब वार्ता)। भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंक जमा पर ब्याज दरों को अधिक पारदर्शी और समान बनाने के उद्देश्य से नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नए नियमों के अनुसार, यदि किसी ग्राहक की समान राशि की जमा एक ही दिन स्वीकार की जाती है, तो बैंक अपनी किसी भी शाखा में उस पर अलग-अलग ब्याज दर नहीं दे सकेंगे। यह व्यवस्था 1 अक्टूबर से लागू होगी।
रिजर्व बैंक ने स्पष्ट किया है कि जमा पर दी जाने वाली ब्याज दरें, जिनमें थोक जमा भी शामिल हैं, बैंक की वेबसाइट पर पहले से घोषित दरों के अनुरूप ही होनी चाहिए। किसी भी बैंक के लिए एक ही दिन स्वीकार की गई समान राशि की जमा पर अलग-अलग शाखाओं में अलग-अलग ब्याज दर देना स्वीकार्य नहीं होगा।
प्रतिदिन सुबह सार्वजनिक करनी होंगी ब्याज दरें
नए दिशा-निर्देशों के तहत सभी बैंकों को प्रत्येक कारोबारी दिन सुबह 10 बजे तक अपनी वेबसाइट पर थोक जमा की ब्याज दरें सार्वजनिक करनी होंगी। इसके लिए अधिकतम 10 मिनट की अतिरिक्त छूट दी गई है। अर्थात बैंक सुबह 10 बजकर 10 मिनट तक अपनी अद्यतन ब्याज दरें प्रकाशित कर सकेंगे।
रिजर्व बैंक का मानना है कि इस व्यवस्था से ग्राहकों को अधिक पारदर्शिता मिलेगी और विभिन्न शाखाओं में ब्याज दरों को लेकर किसी प्रकार का भ्रम या भेदभाव नहीं रहेगा।
सीमित परिस्थितियों में मिलेगी छूट
रिजर्व बैंक ने यह भी स्पष्ट किया है कि तरलता कवरेज अनुपात व्यवस्था के अंतर्गत बैंकों को कुछ विशेष परिस्थितियों में थोक जमा पर अलग-अलग ब्याज दर देने की सीमित अनुमति रहेगी। हालांकि, यह अंतर केवल वैध वित्तीय मानकों और नियामकीय प्रावधानों के आधार पर ही स्वीकार किया जाएगा।
केंद्रीय बैंक के अनुसार, इन दिशा-निर्देशों को जून में जारी मसौदे पर विभिन्न पक्षों से प्राप्त सुझावों और प्रतिक्रियाओं पर विचार करने के बाद अंतिम रूप दिया गया है।
सहकारी बैंक पर लगाया जुर्माना
इसी बीच, भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकिंग नियमों के उल्लंघन के मामले में राजनांदगांव जिला सहकारी केंद्रीय बैंक पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
बैंक पर आरोप है कि उसने अपने कर्मचारियों के कुछ खातों में निर्धारित सीमा से एक प्रतिशत अधिक ब्याज का भुगतान किया। बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुधीर सोनी के अनुसार, राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा वर्ष 2025 के अंत और वर्ष 2026 की शुरुआत में किए गए निरीक्षण के दौरान यह अनियमितता सामने आई थी।
उन्होंने बताया कि कुल 143 कर्मचारी खातों में अधिक ब्याज दिए जाने की जानकारी नियामक को भेजी गई थी। इनमें से 106 खातों को बंद कर लगभग तीन लाख 93 हजार रुपये की वसूली भी कर ली गई। इसके बावजूद भारतीय रिजर्व बैंक ने 23 जुलाई को जारी आदेश के तहत बैंक पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया, जिसका भुगतान बैंक द्वारा कर दिया गया है।
नए दिशा-निर्देशों के लागू होने के बाद बैंकिंग व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ने और ग्राहकों को समान ब्याज दर सुनिश्चित होने की उम्मीद जताई जा रही है।




