कोरबा, 12 सितंबर (वेब वार्ता)। ‘सजग कोरबा, सतर्क कोरबा’ अभियान के तहत कोरबा पुलिस ने गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी में बड़ी सफलता हासिल की है। साइबर थाना पुलिस ने केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर पोर्टल की तकनीकी सहायता से अलग-अलग जिलों और राज्यों में ट्रेस किए गए 110 मोबाइल फोन बरामद किए। बरामद मोबाइलों की अनुमानित कुल कीमत करीब 20 लाख 3 हजार 353 रुपये बताई गई है।
पुलिस ने बरामद सभी मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को सौंप दिए। लंबे समय बाद अपना खोया हुआ मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली। मोबाइल पाने वाले लोगों ने कोरबा पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए पुलिस अधिकारियों के प्रति आभार जताया।
अलग-अलग राज्यों से ट्रेस किए गए मोबाइल
साइबर थाना पुलिस ने तकनीकी संसाधनों और केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर पोर्टल की मदद से गुम हुए मोबाइल फोन की तलाश शुरू की। इस दौरान अलग-अलग जिलों और राज्यों में इस्तेमाल किए जा रहे कई मोबाइल फोन को ट्रेस किया गया।

बरामद मोबाइलों में एप्पल, सैमसंग, ओप्पो, वीवो, रेडमी, रियलमी और वनप्लस जैसी प्रमुख कंपनियों के फोन शामिल हैं। इनमें कई मोबाइल ऐसे भी थे, जो कई महीने पहले गुम हो गए थे। उनके स्वामियों ने मोबाइल वापस मिलने की उम्मीद तक छोड़ दी थी। पुलिस की कार्रवाई के बाद जब उन्हें उनका फोन वापस मिला तो उन्होंने इसे बड़ी राहत बताया।
आठ महीने में 400 से अधिक मोबाइल लौटाए
कोरबा साइबर थाना पुलिस के अनुसार, पिछले आठ महीनों के दौरान 400 से अधिक गुम मोबाइल फोन तकनीकी माध्यम से ट्रेस कर उनके वास्तविक स्वामियों को वापस दिलाए जा चुके हैं। पुलिस की ओर से समय-समय पर विशेष अभियान चलाकर गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की तलाश की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि ऐसे अभियानों का उद्देश्य लोगों को उनके महत्वपूर्ण उपकरण वापस दिलाने के साथ ही मोबाइल फोन की अवैध गतिविधियों में होने वाली संभावित इस्तेमाल पर भी रोक लगाना है।
एसपी के निर्देशन में साइबर टीम ने की कार्रवाई
मोबाइल बरामदगी की यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कटघोरा नीतिश ठाकुर, नगर पुलिस अधीक्षक प्रतीक चतुर्वेदी और डीएसपी रजत कुमार नाग के दिशा-निर्देशन में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक ललित चंद्रा के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने तकनीकी जांच के जरिए मोबाइल फोन ट्रेस किए।
डीएसपी रजत कुमार नाग ने बताया कि ट्रेस किए गए मोबाइल उनके संबंधित वास्तविक स्वामियों को वापस सौंपे जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हालिया बरामदगी में शामिल मोबाइलों की कुल कीमत करीब 20 लाख रुपये है।
मोबाइल गुम होने पर तत्काल करें शिकायत
कोरबा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम या चोरी होने की स्थिति में बिना देरी किए केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। इसके लिए ‘चोरी या गुम मोबाइल अवरुद्ध करें’ विकल्प का इस्तेमाल किया जा सकता है। पुलिस ने शिकायत के साथ पहचान संबंधी दस्तावेज और मोबाइल खरीद का बिल उपलब्ध कराने की भी सलाह दी है।

पुलिस ने साइबर ठगी की स्थिति में भी लोगों को तत्काल 1930 पर सूचना देने या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की है। पुलिस के मुताबिक, समय पर शिकायत मिलने से तकनीकी माध्यमों से कार्रवाई करने और नुकसान को रोकने की संभावना बढ़ जाती है।
खोया मोबाइल मिलने से पुलिस पर बढ़ा भरोसा
मोबाइल फोन बरामद होने के बाद उन्हें वास्तविक स्वामियों को सौंपने के दौरान लोगों ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना की। कई लोगों ने कहा कि लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस मिलने से उन्हें काफी राहत मिली है। इस कार्रवाई से लोगों का पुलिस और साइबर थाना टीम के प्रति भरोसा भी मजबूत हुआ है।
कोरबा पुलिस का यह अभियान तकनीकी संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल और साइबर पुलिसिंग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। 110 मोबाइल की बरामदगी ने न केवल लोगों को उनके कीमती फोन वापस दिलाए, बल्कि उनके चेहरों पर लंबे इंतजार के बाद खुशी भी लौटाई।




