रायपुर, 10 जुलाई (वेब वार्ता)। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भगवान जगन्नाथ की पावन रथयात्रा के अवसर पर रायपुर के कोतवाली चौक स्थित अनोपचंद तिलोकचंद ज्वेलर्स (एटी पैलेस) में आयोजित ‘जोहार जगन्नाथ’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने भगवान जगन्नाथ के मनोकामना रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं शांति की कामना की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अरुण साव ने कहा कि ‘जोहार जगन्नाथ’ केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भगवान जगन्नाथ की भक्ति, आस्था और सेवा का पावन अभियान है। उन्होंने कहा कि मनोकामना रथ के माध्यम से श्रद्धालुओं की प्रार्थनाएं भगवान के श्रीचरणों तक पहुंचेंगी तथा पुरी धाम से लाया गया महाप्रसाद अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचेगा। उन्होंने भगवान जगन्नाथ से प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य, सुख-समृद्धि और शांति की प्रार्थना की।
कार्यक्रम के दौरान एटी पैलेस परिसर में भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और माता सुभद्रा की प्रतिमाओं की वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ स्थापना की गई। इस अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष तिलोकचंद बरड़िया, उनकी धर्मपत्नी मंजू बरड़िया, बरड़िया परिवार तथा संस्थान के अधिकारियों और कर्मचारियों ने पूजा-अर्चना एवं महाआरती कर प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की।
तिलोकचंद बरड़िया ने बताया कि वर्ष 1957 में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दिन स्थापित अनोपचंद तिलोकचंद ज्वेलर्स अब अपने 70वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने कहा कि संस्थान व्यापार के साथ-साथ सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक गतिविधियों तथा जनसेवा के कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
संस्थान के निदेशक नितिन बरड़िया ने आभूषण उद्योग की वर्तमान स्थिति पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बदलते समय के साथ ग्राहकों की पसंद, गुणवत्ता, डिजाइन और पारदर्शिता का महत्व लगातार बढ़ा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप भारतीय आभूषण उद्योग वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
निदेशक निकेश बरड़िया ने बताया कि 9 से 16 जुलाई तक श्रद्धालु एटी पैलेस में अपनी मनोकामनाएं लिखकर भगवान जगन्नाथ को समर्पित कर सकेंगे। इस दौरान प्रतिदिन पुरी धाम से लाया गया महाप्रसाद श्रद्धालुओं में वितरित किया जाएगा।
संस्थान के 70वें स्थापना वर्ष के अवसर पर 15 वर्ष या उससे अधिक आयु के प्रतिभागियों के लिए एक रील प्रतियोगिता भी आयोजित की गई है। प्रतियोगिता में भगवान जगन्नाथ अथवा संस्थान से जुड़े विषय पर रील तैयार कर निर्धारित सामाजिक माध्यम मंच पर साझा करनी होगी। सर्वाधिक पसंद और साझा किए जाने वाली रीलों को क्रमशः 15 हजार रुपये, 11 हजार रुपये और 5,100 रुपये के नकद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।




