रायपुर, 20 जुलाई (वेब वार्ता)। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर पूरी सक्रियता के साथ लौट आया है। बंगाल की खाड़ी और आसपास बने मौसम तंत्र के प्रभाव से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई है। उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के अनेक जिलों में तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक कई जिलों में भारी से अति भारी वर्षा की संभावना व्यक्त करते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है।
बीते 24 घंटों के दौरान बलरामपुर जिले के कुसमी क्षेत्र में सर्वाधिक 28 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इससे पहले बिलासपुर सहित अन्य क्षेत्रों में भी मूसलाधार वर्षा हुई थी। लगातार हो रही बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जबकि नदी-नालों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है।
राजधानी रायपुर में रविवार को दिनभर बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ वर्षा होने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान लगभग 28 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। नागरिकों को घर से निकलते समय वर्षा से बचाव के आवश्यक उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिम बंगाल और उत्तरी झारखंड के ऊपर सक्रिय ऊपरी वायु का चक्रवाती परिसंचरण तथा दक्षिण ओडिशा के आसपास बने मौसम तंत्र के कारण प्रदेश में पर्याप्त नमी बनी हुई है। इसके साथ ही मानसून द्रोणिका भी सक्रिय है, जिससे वर्षा की गतिविधियों को लगातार बल मिल रहा है।
मौसम विभाग ने कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर सहित अनेक जिलों में भारी वर्षा की संभावना जताई है। कुछ स्थानों पर तेज वर्षा के साथ आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी आशंका व्यक्त की गई है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि भारी वर्षा के दौरान नदी-नालों, पुल-पुलियों तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें। साथ ही मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा चेतावनियों और परामर्श का पालन करें, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।




