इंदौर, 26 जुलाई (वेब वार्ता)। मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन शुरू होने के पहले ही दिन धर्मेंद्र प्रधान ने पार्टी नेतृत्व के समक्ष इस्तीफा देने की इच्छा जताई थी, लेकिन उस समय उन्हें ऐसा करने से रोक दिया गया था। बाद में पार्टी के निर्णय के बाद उन्होंने तत्काल पद छोड़ दिया।
इंदौर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने अपने कार्यकाल के दौरान सभी जिम्मेदारियों का ईमानदारी और समर्पण के साथ निर्वहन किया। उनके अनुसार, आंदोलन शुरू होते ही धर्मेंद्र प्रधान ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से कहा था कि यदि पार्टी उचित समझे तो वह शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं।
विजयवर्गीय ने दावा किया कि उस समय पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस विषय पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। इसलिए उन्हें न तो इस्तीफा देना चाहिए और न ही इस संबंध में सार्वजनिक रूप से कोई चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बाद में परिस्थितियों की समीक्षा के बाद पार्टी ने जब निर्णय लिया, तब धर्मेंद्र प्रधान ने तुरंत इस्तीफा सौंप दिया।
मध्य प्रदेश के मंत्री ने यह भी दावा किया कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उन कथित विदेशी ताकतों की योजनाओं को विफल करने वाला कदम साबित हुआ, जो देश में हिंसा और अस्थिरता फैलाना चाहती थीं। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियां पहले कुछ अन्य देशों में भी देखने को मिली थीं। हालांकि, उन्होंने अपने इस दावे के समर्थन में कोई विशिष्ट प्रमाण सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत नहीं किया।
कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष छात्र आंदोलन के बाद राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि आंदोलन छात्रों ने शुरू किया था और कांग्रेस बाद में उनके समर्थन में दिखाई दी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आंदोलन के दौरान कांग्रेस की वास्तविक भूमिका क्या रही।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि राहुल गांधी को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की कार्यप्रणाली और विचारधारा को समझने की आवश्यकता है। उनके अनुसार देश के विकास में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
उल्लेखनीय है कि कैलाश विजयवर्गीय के ये सभी बयान राजनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में सामने आए हैं। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, उससे जुड़ी परिस्थितियों तथा विदेशी ताकतों संबंधी दावों पर भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की ओर से इस संबंध में अलग से कोई आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। विपक्षी दलों की ओर से भी इन दावों पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।




