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अरुणाचल प्रदेश में मॉनसून का कहर, भारी बारिश से 50 से अधिक घर बहे; 5 लोग लापता

नई दिल्ली | अंतरराष्ट्रीय/पूर्वोत्तर डेस्क | वेब वार्ता

Arunachal Pradesh Floods ने राज्य के कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण केयी पान्योर (Keyi Panyor) जिले में अचानक आई बाढ़ से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस प्राकृतिक आपदा में 50 से अधिक घर बह गए हैं, जबकि 5 लोगों के लापता होने की सूचना है। प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं और प्रभावित क्षेत्रों में एसडीआरएफ तथा एनडीआरएफ की टीमों को तैनात किया गया है।

⚡ संक्षिप्त वार्ता (Quick Info)

  • अरुणाचल प्रदेश के केयी पान्योर जिले में अचानक आई बाढ़।
  • 50 से अधिक घर बाढ़ की चपेट में आकर बह गए।
  • 5 लोगों के लापता होने की सूचना।
  • नीपको परियोजना कॉलोनी और आसपास के इलाके सबसे अधिक प्रभावित।
  • एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटीं।
  • रंगानाडी बांध से पानी छोड़े जाने के बाद प्रशासन ने सतर्कता बढ़ाई।

Arunachal Pradesh Floods: केयी पान्योर जिले में सबसे अधिक तबाही

लगातार हो रही भारी बारिश के कारण केयी पान्योर जिले में कई नदियां और नाले उफान पर आ गए। अचानक आई बाढ़ ने याजाली सर्कल के अंतर्गत पूसा क्षेत्र के पास स्थित नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NEEPCO) की परियोजना कॉलोनी को सबसे अधिक प्रभावित किया। तेज बहाव के कारण सुरक्षा दीवार ढह गई, जिसके बाद कॉलोनी और आसपास के निचले इलाकों में पानी भर गया।

बाढ़ के तेज बहाव में कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए और 50 से अधिक घर पूरी तरह बह गए। प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है।

क्या है पूरा मामला?लगातार मॉनसूनी बारिश के कारण केयी पान्योर जिले में अचानक बाढ़ आ गई। सबसे अधिक नुकसान याजाली सर्कल स्थित नीपको परियोजना कॉलोनी में हुआ, जहां सुरक्षा दीवार टूटने से पानी रिहायशी क्षेत्रों में घुस गया। कई घर बह गए और पांच लोग लापता बताए जा रहे हैं।

प्रशासन ने राहत एवं बचाव अभियान किया तेज

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त उपायुक्त (ADC), पुलिस उपाधीक्षक (DSP) और अन्य स्थानीय अधिकारियों को तत्काल मौके पर भेजा। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए एसडीआरएफ (SDRF) की टीम पहले से तैनात है, जबकि एनडीआरएफ (NDRF) की टीम भी प्रभावित क्षेत्र के लिए रवाना कर दी गई है।

लापता लोगों की तलाश के साथ-साथ सुरक्षित स्थानों पर लोगों को पहुंचाने का अभियान लगातार जारी है।

मुख्य जानकारीविवरण
राज्यअरुणाचल प्रदेश
प्रभावित जिलाकेयी पान्योर
क्षतिग्रस्त घर50 से अधिक
लापता लोग5
राहत एजेंसियांSDRF एवं NDRF
प्रमुख प्रभावित क्षेत्रयाजाली सर्कल, पूसा, NEEPCO परियोजना कॉलोनी

रंगानाडी बांध से पानी छोड़ा, बिजली उत्पादन रोका गया

एहतियात के तौर पर नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NEEPCO) ने रंगानाडी बांध से नियंत्रित तरीके से पानी छोड़ना शुरू कर दिया है। वहीं, परियोजना क्षेत्र की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बिजली उत्पादन को फिलहाल अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।

भारी बारिश के कारण जिले के कई हिस्सों का सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है, जिससे राहत दलों को प्रभावित गांवों तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

आगे क्या चुनौती रहेगी?प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना और लगातार हो रही बारिश के बीच राहत एवं बचाव अभियान को जारी रखना है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

मॉनसून के दौरान बढ़ी सतर्कता

अरुणाचल प्रदेश समेत पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में मॉनसून सक्रिय है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है और भूस्खलन एवं अचानक बाढ़ की घटनाओं का खतरा भी बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने तथा केवल आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

राज्य सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने और स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मौसम सामान्य होने तक राहत एवं बचाव अभियान पूरी क्षमता के साथ जारी रहेगा।

 

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