नई दिल्ली | बिजनेस डेस्क | वेब वार्ता
India-US BTA (Bilateral Trade Agreement) को लेकर भारत और अमेरिका के बीच महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। 22 से 24 जून तक नई दिल्ली दौरे पर रहे अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल और केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के बीच कई दौर की वार्ता हुई। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के प्रमुख प्रावधानों की समीक्षा करते हुए अंतरिम समझौते को जल्द अंतिम रूप देने की दिशा में सहमति जताई। इस दौरान बाजार पहुंच, डिजिटल व्यापार, आपूर्ति श्रृंखला, गैर-टैरिफ बाधाओं और रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने जैसे अहम मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई।
- भारत और अमेरिका के बीच BTA वार्ता में महत्वपूर्ण प्रगति हुई।
- 22 से 24 जून तक नई दिल्ली में कई दौर की बैठकें हुईं।
- पीयूष गोयल और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर ने वार्ता का नेतृत्व किया।
- बाजार पहुंच, डिजिटल व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला पर चर्चा हुई।
- अंतरिम व्यापार समझौते को जल्द अंतिम रूप देने पर सहमति बनी।
- दोनों देशों ने संतुलित और व्यावसायिक रूप से लाभकारी समझौते की प्रतिबद्धता दोहराई।
India-US BTA: कई दौर की वार्ता में बनी सहमति
नई दिल्ली में हुई बैठकों के दौरान भारत और अमेरिका के प्रतिनिधिमंडलों ने प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर के नेतृत्व में हुई बातचीत में दोनों पक्षों ने पिछले कुछ महीनों में वार्ता टीमों द्वारा हासिल की गई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।
दोनों देशों ने 7 फरवरी 2026 के संयुक्त वक्तव्य के अनुरूप एक अंतरिम व्यापार समझौते को शीघ्र अंतिम रूप देने के विकल्पों पर भी विचार किया।
इन प्रमुख मुद्दों पर हुई चर्चा
बैठकों में दोनों देशों ने व्यापारिक संबंधों को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया। इनमें कृषि, विनिर्माण, डिजिटल अर्थव्यवस्था, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती और निवेश सहयोग जैसे क्षेत्र प्रमुख रहे।
दोनों पक्षों ने माना कि वैश्विक व्यापारिक चुनौतियों के बीच भरोसेमंद साझेदारी और लचीली सप्लाई चेन भविष्य की आर्थिक स्थिरता के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगी।
| मुख्य विषय | चर्चा का फोकस |
|---|---|
| बाजार पहुंच | दोनों देशों के लिए व्यापार अवसर बढ़ाना |
| डिजिटल व्यापार | डिजिटल अर्थव्यवस्था में सहयोग |
| आपूर्ति श्रृंखला | सुदृढ़ एवं भरोसेमंद सप्लाई चेन |
| गैर-टैरिफ बाधाएं | व्यापार में बाधाओं को कम करना |
| रणनीतिक सहयोग | महत्वपूर्ण क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाना |
व्यापार, किसानों और उपभोक्ताओं को होगा लाभ
भारत और अमेरिका ने दोहराया कि प्रस्तावित समझौता संतुलित, पारस्परिक हितों पर आधारित और व्यावसायिक रूप से सार्थक होगा। इससे दोनों देशों के उद्योग, निर्यातक, किसान, श्रमिक और उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।
दोनों देशों ने नवाचार को बढ़ावा देने, निवेश को प्रोत्साहित करने और वैश्विक व्यापारिक सहयोग को मजबूत बनाने की दिशा में साथ मिलकर आगे बढ़ने की प्रतिबद्धता भी जताई।
रणनीतिक साझेदारी को मिलेगी नई मजबूती
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने विश्वास व्यक्त किया कि जारी व्यापार वार्ताएं भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती देंगी। बदलते वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में दोनों देश भरोसेमंद व्यापारिक साझेदार के रूप में मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह समझौता तय समय पर पूरा होता है तो दोनों देशों के आर्थिक संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकते हैं और वैश्विक व्यापार में भारत की भूमिका और सशक्त होगी।




