भोपाल | राज्य ब्यूरो | वेब वार्ता
Viksit Madhya Pradesh Conclave को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि समय तभी बदलता है, जब संकल्प बड़ा होता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य देश के लिए प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास रहेगा कि देश की 30 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में मध्यप्रदेश लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर का योगदान दे। उन्होंने उद्योगपतियों से राज्य में निवेश का आह्वान करते हुए कहा कि “जो एक बार मध्यप्रदेश आता है, वह यहीं का होकर रह जाता है।”
- भोपाल में “विकसित मध्यप्रदेश” कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया।
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश का आमंत्रण दिया।
- 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में मध्यप्रदेश की अहम भूमिका पर जोर दिया।
- राज्य की अर्थव्यवस्था से लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर योगदान का लक्ष्य बताया।
- कार्यक्रम में उद्योगपति, निवेशक, बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
- मुख्यमंत्री ने रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
Viksit Madhya Pradesh Conclave: विकसित भारत के लक्ष्य में मध्यप्रदेश निभाएगा बड़ी भूमिका
भोपाल में आयोजित “विकसित मध्यप्रदेश” कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक स्तर पर नई पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व के कारण अनेक देशों ने उन्हें अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया है, जो पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी राज्यों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी और मध्यप्रदेश इसमें अग्रणी योगदान देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
30 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था में मध्यप्रदेश देगा 2 ट्रिलियन डॉलर का योगदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। राज्य सरकार का प्रयास रहेगा कि इसमें लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर का योगदान अकेले मध्यप्रदेश से हो। इसके लिए औद्योगिक विकास, बुनियादी ढांचे के विस्तार, कृषि, पर्यटन और सेवा क्षेत्रों में तेज गति से कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में मध्यप्रदेश देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले राज्यों में शामिल है और “विरासत भी, विकास भी” के मंत्र पर निरंतर आगे बढ़ रहा है।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| कार्यक्रम | विकसित मध्यप्रदेश कॉन्क्लेव |
| स्थान | भोपाल |
| मुख्य वक्ता | मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव |
| राष्ट्रीय लक्ष्य | विकसित भारत @2047 |
| आर्थिक लक्ष्य | 30 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था |
| मध्यप्रदेश का लक्ष्य | लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर योगदान |
उद्योगपतियों को दिया निवेश का आमंत्रण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉन्क्लेव में मौजूद उद्योगपतियों, निवेशकों और व्यापार जगत के प्रतिनिधियों से राज्य में उपलब्ध निवेश अवसरों का लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी विशेषता यहां का आत्मीय वातावरण है और जो भी एक बार यहां आता है, वह इस प्रदेश का होकर रह जाता है।
उन्होंने कहा कि सरकार उद्योगों के लिए पारदर्शी नीतियां, बेहतर बुनियादी ढांचा और निवेश अनुकूल माहौल उपलब्ध करा रही है, जिससे प्रदेश निवेश का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है।
रानी दुर्गावती को किया नमन
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए की। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती का शौर्य, त्याग और राष्ट्रभक्ति प्रदेशवासियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा तथा उनका बलिदान इतिहास में अमर रहेगा।
उद्योग, निवेश और विकास पर सरकार का विशेष फोकस
कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप, मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित उद्योग, बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि और नीति निर्माता उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सरकार और उद्योग जगत के समन्वय से मध्यप्रदेश विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।




