नई दिल्ली, 1 जून (वेब वार्ता)। शेयर बाजार में कारोबार करने वाले निवेशकों और कारोबारियों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। राष्ट्रीय शेयर बाजार ने इक्विटी डेरिवेटिव खंड में कारोबार की अवधि 10 मिनट बढ़ाने का निर्णय लिया है। नए प्रावधान के तहत अगस्त 2026 से वायदा और विकल्प खंड का कारोबार शाम 3:30 बजे के बजाय 3:40 बजे तक जारी रहेगा।
यह बदलाव केवल वायदा और विकल्प खंड पर लागू होगा। नकद बाजार के कारोबार समय में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है और वह पहले की तरह शाम 3:30 बजे ही बंद होगा। प्री-ओपन सत्र और अन्य सामान्य कारोबार समय भी यथावत रहेंगे।
राष्ट्रीय शेयर बाजार के अनुसार यह व्यवस्था 3 अगस्त 2026 से लागू होगी। कारोबार समय बढ़ाने का निर्णय समापन नीलामी सत्र व्यवस्था के साथ तालमेल बैठाने के उद्देश्य से लिया गया है, ताकि समापन मूल्य निर्धारण अधिक पारदर्शी और प्रभावी बन सके।
नए ढांचे के तहत वायदा अनुबंधों के समापन मूल्य की गणना की पद्धति में मूलभूत बदलाव नहीं होगा, लेकिन समय अवधि बदल जाएगी। पहले अंतिम 30 मिनट यानी दोपहर 3 बजे से 3:30 बजे तक के भारित औसत मूल्य के आधार पर समापन भाव तय किया जाता था, जबकि अब यह अवधि 3:10 बजे से 3:40 बजे तक मानी जाएगी।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अतिरिक्त 10 मिनट से निवेशकों और कारोबारियों को सौदों के समायोजन, जोखिम प्रबंधन और अंतिम समय में बाजार की चाल के अनुसार रणनीति तय करने में सुविधा मिलेगी। विशेष रूप से अधिक उतार-चढ़ाव वाले कारोबारी सत्रों में यह समय उपयोगी साबित हो सकता है।
विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि वे नए कारोबार समय को ध्यान में रखते हुए अपनी कारोबारी रणनीति और दैनिक कार्यक्रम में आवश्यक बदलाव करें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।




