हरिद्वार, 22 मई (वेब वार्ता)। राज्य कर विभाग हरिद्वार की विशेष अनुसंधान शाखा ने कर चोरी रोकने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत दो फर्मों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने जांच और सर्वेक्षण के दौरान मौके पर ही दो करोड़ 35 लाख रुपये कर और जुर्माने के रूप में वसूल किए हैं। साथ ही संबंधित फर्मों के अभिलेख जब्त कर विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान जीएसटी अपवंचन और स्टॉक में भारी अनियमितताएं सामने आईं। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि कारोबार से जुड़े अभिलेख और वास्तविक स्टॉक के बीच उल्लेखनीय अंतर मौजूद था, जिससे कर चोरी की आशंका मजबूत हुई।
यह कार्रवाई आयुक्त राज्य कर सोनिका के निर्देश पर की गई। विभाग को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ फर्में अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेकर अपने जीएसटी रिटर्न में नकद कर भुगतान बेहद कम या शून्य दर्शा रही हैं। शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए आयुक्त ने अपर आयुक्त डीएस नबियाल को विशेष जांच दल गठित करने के निर्देश दिए थे।
विशेष जांच दल ने निर्धारित योजना के तहत दो फर्मों में सर्वेक्षण और दस्तावेजों की जांच की। कार्रवाई के दौरान कर देनदारी और रिकॉर्ड में विसंगतियां सामने आने पर विभाग ने तत्काल कर और जुर्माना वसूल किया। अधिकारियों ने बताया कि जब्त अभिलेखों की गहन जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई भी की जा सकती है।
राज्य कर विभाग ने स्पष्ट किया है कि कर चोरी और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग का कहना है कि राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी प्रकार की राहत नहीं दी जाएगी।




