देहरादून/बदरीनाथ, 10 जुलाई (वेब वार्ता)। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति में चढ़ावे की धनराशि में कथित अनियमितताओं के मामले के बीच अब समिति को दान में मिले वाहनों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार, समिति को दान स्वरूप मिली दो अत्याधुनिक एंबुलेंस और एक टेंपो ट्रेवलर वर्तमान में बदरीनाथ धाम में दिखाई नहीं दे रहे हैं। इसको लेकर समिति की व्यवस्थाओं पर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं।
सूत्रों के अनुसार वर्ष 2018 में एक दानदाता ने श्रद्धालुओं की आपातकालीन चिकित्सा सुविधा के लिए बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति को आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से सुसज्जित एक एंबुलेंस भेंट की थी। इसके बाद देवस्थानम बोर्ड के कार्यकाल के दौरान एक अन्य दानदाता ने भी एक और अत्याधुनिक एंबुलेंस समिति को दान में दी थी।
बताया जाता है कि इन दोनों एंबुलेंसों का उपयोग बदरीनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं को आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए किया जाना था। हालांकि स्थानीय लोगों का दावा है कि इन वाहनों को नियमित रूप से धाम में संचालित होते कभी नहीं देखा गया।
मामले को लेकर समिति के जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इन वाहनों के वर्तमान स्थान अथवा बदरीनाथ धाम में उनकी उपलब्धता के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। इससे इन वाहनों के उपयोग और रखरखाव को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
बताया गया है कि सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत भी एक आवेदक ने इन एंबुलेंसों की वर्तमान स्थिति और उपयोग से संबंधित जानकारी मांगी थी। आरोप है कि समिति की ओर से इस संबंध में स्पष्ट और संतोषजनक उत्तर उपलब्ध नहीं कराया गया, जिसके बाद मामले को लेकर संदेह और गहरा गया।
गौरतलब है कि इससे पहले बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति में चढ़ावे की धनराशि में कथित हेराफेरी के मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया जा चुका है। ऐसे में अब दान में मिले वाहनों का मामला भी चर्चा का विषय बन गया है।
फिलहाल इन वाहनों के संबंध में कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। यदि मामले में कोई शिकायत या जांच होती है, तो उसके बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।




