गोरखपुर, 16 सितंबर (वेब वार्ता)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में इण्डियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के चैरिटेबल ब्लड सेंटर का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन की वास्तविक पहचान इस बात से होती है कि वह अपनी विशेषज्ञता का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक किस प्रकार पहुंचाता है। उन्होंने आईएमए की ओर से निःशुल्क बाह्य रोगी विभाग और चैरिटेबल ब्लड सेंटर के संचालन को सामाजिक उत्तरदायित्व का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया।
जरूरतमंदों को रक्त उपलब्ध कराने में मिलेगी मदद
लोकार्पण के बाद आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017-18 में सीतापुर आई हॉस्पिटल ने आईएमए की गोरखपुर शाखा के माध्यम से निःशुल्क बाह्य रोगी विभाग की शुरुआत की थी। उस समय आईएमए ने अपने कार्यालय के लिए भूमि की मांग की थी। अब इसी भूमि पर अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त विस्तृत ब्लड सेंटर स्थापित किया गया है।
उन्होंने कहा कि यह केंद्र परोपकार के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप रक्त उपलब्ध कराने में योगदान देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक और अत्याधुनिक ढांचा विकसित किया जा सकता है, लेकिन रक्त का निर्माण नहीं किया जा सकता। ऐसे में रक्तदाता ही जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनरक्षक भूमिका निभाते हैं।
मुख्यमंत्री ने रक्त के विभिन्न घटकों को अलग करने वाली इकाई की उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऐसी सुविधा के माध्यम से डेंगू जैसी बीमारियों में आवश्यक प्लेटलेट्स की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है।
स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने की अपील
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रक्त की मांग के अनुरूप आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करना आवश्यक है। उन्होंने चिकित्सकों से रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सामाजिक माध्यमों का उपयोग करने और समय-समय पर रक्तदान की अपील जारी करने का आह्वान किया।
उन्होंने पेशेवर रक्तदाताओं से जुड़े स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों का उल्लेख करते हुए कहा कि रक्तदाताओं की स्वास्थ्य जांच और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से इस विषय में शासन एवं प्रशासन को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने तथा जागरूकता अभियानों में सक्रिय भागीदारी करने का आग्रह किया।
आईएमए की सामाजिक पहल की सराहना
मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्हें वाराणसी और बरेली में आईएमए द्वारा संचालित ब्लड बैंकों का अवलोकन करने का अवसर मिला है। प्रयागराज में भी इसी प्रकार के ब्लड बैंक का उद्घाटन किया गया है। उन्होंने कहा कि गोरखपुर विकास प्राधिकरण द्वारा आईएमए को कार्यालय निर्माण के लिए उपलब्ध कराए गए भूखंड का उपयोग चैरिटेबल ब्लड सेंटर की स्थापना में किया गया है।
उन्होंने आईएमए की इस पहल को चिकित्सकीय संवेदनशीलता और सामाजिक सेवा का प्रमाण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छे कार्यों के लिए किए गए प्रयासों को सकारात्मक परिणाम मिलते हैं। उन्होंने गोरखपुर में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार का उल्लेख करते हुए गुरु गोरखनाथ चिकित्सालय में पूर्वी उत्तर प्रदेश की शुरुआती गहन चिकित्सा सुविधाओं और वर्ष 2006-07 में शुरू की गई चार डायलिसिस इकाइयों का भी जिक्र किया।
गोरखपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का दावा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोरखपुर में आईएमए के सदस्यों की संख्या 1,400 से अधिक है और ये सभी चिकित्सक जनसेवा में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि गोरखपुर में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में व्यापक बदलाव आया है।
उन्होंने पूर्वी उत्तर प्रदेश में मस्तिष्क ज्वर के प्रकोप के दौर को याद करते हुए कहा कि कुछ वर्ष पहले क्षेत्र के लोगों को गंभीर स्वास्थ्य संकट का सामना करना पड़ता था। उस समय बीआरडी मेडिकल कॉलेज पर स्वास्थ्य सेवाओं का अत्यधिक दबाव था और संसाधनों तथा बिस्तरों की कमी के कारण मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
मुख्यमंत्री के अनुसार, अब बीआरडी मेडिकल कॉलेज में विशिष्ट चिकित्सा सेवाओं के साथ मस्तिष्क ज्वर के उपचार की सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने दावा किया कि संस्थान ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।
प्रदेश में 85 मेडिकल कॉलेज संचालित होने की जानकारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में गोरखपुर में एम्स, दो मेडिकल कॉलेज और चार विश्वविद्यालय संचालित हैं। उन्होंने बताया कि महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बलरामपुर, बहराइच, गोंडा, अयोध्या और अंबेडकर नगर सहित विभिन्न जिलों में मेडिकल कॉलेज शुरू किए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में ‘एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज’ के लक्ष्य की दिशा में काम हुआ है। मुख्यमंत्री के अनुसार, उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 85 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं और दो एम्स भी कार्यरत हैं।
उन्होंने प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार का उल्लेख करते हुए कहा कि अब चिकित्सक, व्यापारी और आम नागरिक स्वयं को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इसे नए उत्तर प्रदेश की पहचान बताया।
जिला अस्पतालों में निःशुल्क डायलिसिस सुविधा पर जोर
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले गोरखपुर के मरीजों को डायलिसिस के लिए लखनऊ और वाराणसी जैसे शहरों का रुख करना पड़ता था। अब गोरखपुर के कई अस्पतालों में डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने प्रत्येक जिला अस्पताल में 10 बिस्तरों पर निःशुल्क डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य शुरू किया है। इसके अलावा उन्होंने चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश में एमबीबीएस की सीटें 4,600 से बढ़कर 13,500 से अधिक हो गई हैं, जबकि स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा की सीटों में भी वृद्धि हुई है।
मुख्यमंत्री ने नर्सिंग और पैरामेडिकल महाविद्यालयों के विस्तार को स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कानपुर में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के सहयोग से चिकित्सा प्रौद्योगिकी के उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना तथा एसजीपीजीआई में उत्कृष्टता केंद्र विकसित किए जाने की जानकारी भी दी।
जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों की मौजूदगी
कार्यक्रम को गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव और विधायक विपिन सिंह ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक प्रदीप शुक्ला, विधायक डॉ. विमलेश पासवान तथा उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।




