लक्ष्मीकान्त पाठक।वेबवार्ता
हरदोई। बालामऊ विधानसभा क्षेत्र के उन गांवों, मजरों और नई बस्तियों के लिए राहत की खबर है, जो अब तक बिजली की मुख्यधारा से पूरी तरह नहीं जुड़ पाए थे। क्षेत्रीय विधायक रामपाल वर्मा के प्रयासों के बाद शासन ने एलओएच योजना के तहत विधानसभा क्षेत्र के 41 छूटे हुए मजरों एवं आंशिक रूप से विद्युतीकरण से वंचित बस्तियों में बिजली पहुंचाने के प्रस्ताव को वित्तीय एवं प्रशासनिक मंजूरी प्रदान की है। इनमें कछौना क्षेत्र के पांच प्रमुख गांवों के मजरे और हिस्से भी शामिल हैं।
स्वीकृति मिलने के बाद इन क्षेत्रों में विद्युत आधारभूत ढांचे का काम शुरू कर दिया गया है। योजना के पूरा होने पर करीब एक हजार परिवारों को बिजली सुविधा का लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे ग्रामीणों के घर रोशन होने के साथ ही बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कार्यों और किसानों के कामकाज में भी सहूलियत मिलेगी।
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के ईडीडी संडीला द्वारा जारी सर्वे ड्राइंग सबमिशन रिपोर्ट के अनुसार, स्वीकृत कार्ययोजना के तहत 18.09 सीकेएम हाईटेंशन लाइन, 952.556 किलोमीटर 3-फेज एलटी केबल तथा 1.313 किलोमीटर 1-फेज केबल बिछाई जानी है। इसके अलावा विभिन्न चिन्हित स्थानों पर 25 केवीए क्षमता के 61 नए ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाएंगे। इससे विद्युत आपूर्ति के विस्तार के साथ लो-वोल्टेज की समस्या से भी राहत मिलने की उम्मीद है।
विभागीय स्तर पर बालामऊ, ज्ञानपुर, नारायण देव, कछौना देहात के गंगानगर, सूठेना की हरिजन बस्ती, गौरी सैयद तालिब, नगवा, मुरार नगर सोम, दलेलनगर, रेसों, सुखनखेड़ा, माडर, जीवन खेड़ा, कोढ़रा चौराहा, गोगावां जोत, गौरी दायमपुर, दिवारी, अटीया, बसंत नगर, खैरवा, लालमऊ और पुत्ती खेड़ा समेत चयनित क्षेत्रों में विद्युत पोल एवं केबल डालने का कार्य शुरू होने की जानकारी दी गई है।
विद्युत सुविधा से वंचित रहे ग्रामीणों में योजना को लेकर उत्साह है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली पहुंचने से बच्चों की पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल बनेगा और घरेलू व कृषि कार्यों में भी सुविधा होगी। क्षेत्र में विद्युतीकरण कार्य पूरा होने से लंबे समय से बिजली का इंतजार कर रहे परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।




