हरदोई, 20 मई (लक्ष्मीकांत पाठक)। सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों के सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारण के लिए 21 से 23 अगस्त तक विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की प्रभारी सचिव एवं न्यायाधीश स्मिता गोस्वामी ने दी। इस पहल का उद्देश्य ऐसे मामलों का समाधान करना है, जिनका निस्तारण आपसी सहमति और मध्यस्थता के जरिए संभव है।
स्मिता गोस्वामी ने बताया कि भारत के मुख्य न्यायाधीश के निर्देशन में “समाधान समारोह-2026” की शुरुआत 21 अप्रैल से की गई थी। इस अभियान का समापन अगस्त में आयोजित होने वाली विशेष लोक अदालत के साथ होगा। इसके अंतर्गत उन मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां पक्षकार आपसी समझौते के आधार पर विवाद समाप्त करने के इच्छुक हों।
उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष एवं जनपद न्यायाधीश रीता कौशिक के मार्गदर्शन में मध्यस्थता केंद्रों पर प्रशिक्षित मध्यस्थ और अधिकारी पक्षकारों को समझौते के लिए प्रेरित करेंगे। इस प्रक्रिया का उद्देश्य न्यायिक बोझ कम करना और विवादों का त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण समाधान सुनिश्चित करना है।
विशेष लोक अदालत की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह भी होगी कि पक्षकार व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के साथ-साथ आभासी माध्यम से भी प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे। इससे दूरदराज के लोगों और अन्य राज्यों में रहने वाले पक्षकारों को भी सुविधा मिलेगी।
प्राधिकरण की ओर से बताया गया है कि विशेष लोक अदालत में मामला शामिल कराने के इच्छुक पक्षकार सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध आवेदन प्रपत्र भरकर पंजीकरण करा सकते हैं। अधिकारियों का मानना है कि यह पहल लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण और न्याय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।




