लक्ष्मीकान्त पाठक। वेबवार्ता
हरदोई।मिशन शक्ति 6.0 के अन्तर्गत कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय सुरसा की कक्षा 8 की छात्रा ज्योति को एक दिन के लिये जिलाधिकारी की प्रतीकात्मक जिम्मेदारी निभाने का अवसर प्रदान किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी राहुल पाण्डेय ने छात्रा ज्योति को प्रशासनिक कार्य प्रणाली, कार्यालयी दायित्वों शिकायतों के निस्तारण आदि के सम्बन्ध मे जानकारी प्रदान की, साथ ही जन सुनवाई के दौरान छात्रा ज्योति ने जनता की शिकायतों जनसमस्याओं को सुनकर समाधान की प्रशासनिक व्यवहारिक अनुभव प्राप्त किया।
इस अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रभात मिश्रा सहित सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहें।
मिशन शक्ति के तहत कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय सुरसा की छात्रा वंशिका बनीं एक दिन की मुख्य विकास अधिकारी
मिशन शक्ति विशेष अभियान के अंतर्गत कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय सुरसा की कक्षा 8 की छात्रा वंशिका को एक दिन के लिए मुख्य विकास अधिकारी की प्रतीकात्मक जिम्मेदारी निभाने का अवसर प्रदान किया गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती नेहा ब्याडवाल ने छात्रा वंशिका को प्रशासनिक कार्यप्रणाली, कार्यालयीन दायित्वों, विकास योजनाओं तथा जनसुनवाई की प्रक्रिया के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। वंशिका ने अधिकारियों के साथ बैठकर विभिन्न कार्यों को समझा तथा जनसुनवाई में आने वाली समस्याओं और उनके समाधान की प्रक्रिया को भी करीब से जाना।
इसी दौरान एक प्रार्थिनी अपने दिव्यांग पुत्र लंकेश के लिए आवास उपलब्ध कराने की मांग लेकर जनसुनवाई में पहुंचीं। लंकेश पूरी तरह दिव्यांग है और परिवार द्वारा उसके लिए सुरक्षित आवास की मांग की गई। छात्रा वंशिका ने प्रकरण को गंभीरता से सुना तथा संबंधित अधिकारियों से मामले की जानकारी प्राप्त की। प्रकरण पर मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती नेहा ब्याडवाल द्वारा संबंधित अधिकारी को परिवार की पात्रता के अनुसार शीघ्र आवास उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
एक दिन की मुख्य विकास अधिकारी की भूमिका निभाते हुए वंशिका को जनसुनवाई, अधिकारियों से संवाद, जनसमस्याओं को समझने तथा उनके समाधान की प्रशासनिक प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ। यह अवसर उनके आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता और सामाजिक संवेदनशीलता को विकसित करने वाला रहा।
मिशन शक्ति के अंतर्गत आयोजित ‘प्रतीकात्मक नेतृत्व’ कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को प्रशासनिक जिम्मेदारियों का अनुभव कराना और उनमें नेतृत्व की भावना विकसित करना है, ताकि वे भविष्य में आत्मविश्वास के साथ समाज के विकास में अपनी भूमिका निभा सकें।
बेटियों को नेतृत्व का अवसर देना, उन्हें सक्षम, संवेदनशील और जिम्मेदार भविष्य के लिए तैयार करना है।




