ग्रामीण विरासत महोत्सव में नन्हे हाथों का हुनर चमका, हस्तशिल्प प्रदर्शनी ने मोहा मन

हरदोई, 08 अप्रैल (लक्ष्मीकांत पाठक)। ग्रामीण संस्कृति के संरक्षण और बाल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से ‘एक पहल एक किरण सेवा समिति’ द्वारा आयोजित नौ दिवसीय ‘ग्रामीण विरासत महोत्सव–2026’ के अंतर्गत बुधवार को भव्य हस्तशिल्प प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीण कला की जीवंतता के साथ-साथ स्थानीय बच्चों की छिपी रचनात्मक प्रतिभा का मनोहारी प्रदर्शन देखने को मिला।

प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूली बच्चों एवं युवाओं द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प उत्पाद रहे। नन्हे हाथों से गढ़ी गई मिट्टी की कलाकृतियां, बारीकी से तराशे गए लकड़ी के खिलौने तथा हाथ से निर्मित सजावटी वस्तुओं ने आगंतुकों को आकर्षित किया। पारंपरिक पेंटिंग्स और वेस्ट मटेरियल से बनाए गए कलात्मक मॉडल्स ने यह साबित किया कि अवसर मिलने पर ग्रामीण प्रतिभाएं किसी से कम नहीं हैं।

समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि महोत्सव का उद्देश्य लुप्त होती ग्रामीण विरासतों को पुनर्जीवित करना और नई पीढ़ी को पारंपरिक कला से जोड़ना है। प्रदर्शनी में प्रदर्शित वस्तुओं में उत्तर प्रदेश की सोंधी मिट्टी और क्षेत्रीय संस्कृति की स्पष्ट झलक दिखाई दी।

कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने बच्चों की कला और कौशल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास जगाते हैं तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा देते हैं। समिति के स्वयंसेवकों ने बताया कि संस्था ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और कौशल विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा इस प्रदर्शनी के माध्यम से उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने और बच्चों की कला को व्यावसायिक पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। नौ दिवसीय महोत्सव की श्रृंखला में आयोजित यह हस्तशिल्प प्रदर्शनी दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही और ‘वोकल फॉर लोकल’ के संदेश को सार्थक करती नजर आई।

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