मुरादाबाद (वेब वार्ता)
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करो – एसआईआर पर रोक लगाओ – वयस्कों को वोट का अधिकार दो, अवैध रूप से काटे गये लोगों के वोट बहाल करो, एवं प्रदर्शनकारी महिलाओं और महिला पत्रकार पर अश्लीलता पूर्ण हरकत करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करो
आदि नारों के साथ जिला मुरादाबाद के वामपंथी दलों ने कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया
तमाम कार्यकर्ताओं द्वारा रेलवे स्टेशन से बुध बाजार, गंज बाजार, गुरहट्टी होते हुए कचेहरी जिलाधिकारी कार्यालय तक शांति मार्च का आयोजन किया गया और महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी को सोपा गया।
कहा गया है कि भारत के चुनाव आयोग के दो चुनाव आयुक्तों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर 23 सितंबर को एक अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित रिपोर्टें जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के निर्देशन में चुनाव आयोग के कामकाज के तरीके को लेकर तमाम कुछ बुनियादी सवालों को उठाया गया है।
उस पर वामपंथी दलों का मानना है यह सवाल केवल मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) तक सीमित नहीं हैं। तीन चुनाव आयुक्तों में से दो ने कम से कम 14 मौकों पर मतदाता पंजीकरण, नाम हटाने और नाम बहाल करने तथा एसआईआर के संचालन से संबंधित फैसलों पर आपत्तियां दर्ज की हैं। उन्होंने अपनी सहमति के बिना लिए जा रहे फैसलों को लेकर भी गंभीर चिंताएं जताई हैं।
इन तमाम खुलासों से विपक्षी दलों और नागरिक समाज संगठनों द्वारा बार-बार उठाई गई चिंताओं की पुष्टि होती है और एसआईआर तथा मतदाता सूची के प्रबंधन को पारदर्शी और विकेंद्रीकृत बताए जाने के दावों की वास्तविकता सामने आती है। जो निर्वाचन आयोग की पारदर्शिता और लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली तथा सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के बुनियादी लोकतांत्रिक सिद्धांत की रक्षा से जुड़ा हुआ है। निश्चित रूप से ज्ञानेश कुमार की एकाधिकार, अपारदर्शी और केंद्रीकृत नियंत्रण वाली प्रक्रियाओं के कारण चुनाव व्यवस्था में जनता का विश्वास कमजोर हुआ है।
लेकिन खेद का विषय है कि केंद्र सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त को जवाबदेह ठहराने के बजाय, अपने अधीन दिल्ली पुलिस के द्वारा विपक्षी दलों, नागरिक समाज संगठनों और छात्र यूनियनों के प्रदर्शनकारियोँ पर उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियाँ कर रही है। यहां तक कि महिला प्रदर्शनकारीयों और महिला पत्रकारों के साथ अश्लीलतापूर्ण हरकत एवं उत्पीड़न किया जा रहा है।
राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन के माध्यम से ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से तुरन्त हटाए जाने एसआईआर प्रक्रिया को रोकने मतदाता सूचियों से गलत तरीके से बाहर किए गए सभी लोगों के मतदान अधिकार बहाल किए जाने सहित आधा दर्जन मांगों को उजागर किया गया है
इस अवसर पर सीपीआई के कामरेड राम किशोर रस्तोगी, वाला कश्यप, प्रदीप सैनी, पुष्पा सैनी, अब्दुल गफ्फार
भाकपा माले के कामरेड रोहिताश राजपूत, लता सागर, परवीन जहां, संतोष वर्मा, बहादुर अली, सीपीआईएम के थान सिंह, चंद्रपाल सिंह आजाद, शरीफ अहमद, महिपाल सिंह एडवोकेट, शहाबुद्दीन, रज़ा हुसैन, सुनील सक्सैना, भूकन सिंह, श्याम लाल, जुल्फीकार सैफी, राविक हुसैन, ताहिर अंसारी, डॉ हनीफ पाशा, डॉ अब्दुल सत्तार मीरानी, संजीव कुमार, असलम, एस यू सी आई सी के विजयपाल सिंह, अविनाश चंद्र, रंजन कुमार, इस्लाम अली, आदि मौजूद रहे




