कानपुर, 23 मई (वेब वार्ता)। उत्तर प्रदेश के कानपुर में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल के जवान की मां के इलाज में कथित लापरवाही के मामले ने शनिवार को नया मोड़ ले लिया। जवान विकास सिंह की शिकायत को लेकर बड़ी संख्या में आईटीबीपी जवान पुलिस कमिश्नरेट पहुंच गए। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी को तलब कर स्पष्टीकरण मांगा।
जानकारी के अनुसार महाराजपुर स्थित 32वीं बटालियन में तैनात आईटीबीपी कांस्टेबल विकास सिंह की मां निर्मला देवी को 13 मई को सांस लेने में दिक्कत होने पर टाटमिल स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि उपचार के दौरान लापरवाही के कारण उनके हाथ में गंभीर संक्रमण फैल गया। हालत बिगड़ने पर उन्हें दूसरे अस्पताल ले जाया गया, जहां 17 मई को चिकित्सकों ने उनका हाथ काट दिया।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के बाद विकास सिंह कार्रवाई और न्याय की मांग को लेकर विभिन्न अधिकारियों के चक्कर लगाते रहे। 20 मई को वह अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय भी पहुंचे थे, लेकिन परिवार का कहना है कि उन्हें संतोषजनक कार्रवाई नहीं मिली।
बताया गया कि विकास सिंह ने मामले की जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दी। इसके बाद शनिवार सुबह करीब 11:15 बजे आईटीबीपी के कमांडेंट गौरव प्रसाद के नेतृत्व में बड़ी संख्या में जवान पुलिस कमिश्नरेट पहुंचे। जवानों के वाहनों और सुरक्षा व्यवस्था को देखकर परिसर में मौजूद लोग हैरान रह गए।
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल और अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था डॉ. विपिन कुमार ताडा ने आईटीबीपी अधिकारियों और पीड़ित पक्ष से मुलाकात की। शिकायत के आधार पर मुख्य चिकित्साधिकारी को भी बुलाया गया। सूत्रों के अनुसार पुलिस अधिकारियों ने जांच रिपोर्ट को लेकर स्पष्ट जानकारी मांगी और मामले की निष्पक्ष जांच पर जोर दिया।
घटना के दौरान कमिश्नरेट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी हो गई और कुछ समय के लिए पूरा इलाका छावनी जैसा दिखाई देने लगा। पुलिस आयुक्त ने शस्त्रधारी जवानों के साथ पहुंचने पर नाराजगी जताते हुए आईटीबीपी अधिकारियों से भी बातचीत की।
फिलहाल मामले में चिकित्सकीय लापरवाही के आरोपों की जांच जारी है। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन दोनों स्तरों पर प्रकरण की समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।




