15 दिन पहले पति-पत्नी के बीच विवाद के बाद हुई थी पंचायत, परिजनों ने जताई थी अनहोनी की आशंका; पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से जुटाए साक्ष्य
अल्हागंज, शाहजहांपुर। अल्हागंज थाना क्षेत्र के चौरसिया गांव में बुधवार दोपहर 32 वर्षीय सुशीला की मौत से सनसनी फैल गई। घर के अंदर चारपाई पर उसका शव मिला। परिजनों ने पति अवनीश पर कुल्हाड़ी से वार कर हत्या करने का आरोप लगाया है। घटना के बाद से अवनीश अपने छह वर्षीय बेटे सोहन को लेकर लापता बताया जा रहा है। वहीं, तीन वर्षीय बेटी मेनिका और डेढ़ वर्षीय बेटा रोहन घर पर ही रह गए। सूचना मिलने पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पहले भी हुआ था पति-पत्नी के बीच विवाद
मृतका के भाई अभिषेक ने आरोप लगाया कि अवनीश शराब पीने के बाद सुशीला के साथ मारपीट करता था। परिजनों के मुताबिक, अवनीश पिछले करीब पांच वर्षों से पंजाब के लुधियाना में नौकरी कर रहा था। उनका कहना है कि वहां रहते हुए भी पति-पत्नी के बीच विवाद होते थे। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि अवनीश सुशीला के मायके जाने और परिवार के लोगों से बातचीत करने पर आपत्ति जताता था।
परिजनों के अनुसार, करीब 15 दिन पहले भी दोनों के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद गांव में पंचायत कराई गई, जिसमें मामले को सुलझाने का प्रयास किया गया। परिवार के लोगों का कहना है कि उस दौरान सुशीला ने अपने पति से जान का खतरा होने की आशंका जताई थी। मायके पक्ष के लोग उसे अपने साथ ले जाना चाहते थे, लेकिन समझौते के बाद वह ससुराल में ही रह गई। इन घटनाओं और आरोपों की पुष्टि संबंधित पक्षों के बयानों तथा पुलिस जांच के आधार पर होनी है।
सुबह हुई थी फोन पर बातचीत
मृतका की ममेरी बहन के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब 11 बजे सुशीला से फोन पर बात हुई थी। इसके बाद परिजनों ने दोबारा संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन बातचीत नहीं हो सकी। कुछ समय बाद उन्हें सुशीला की मौत की सूचना मिली। खबर मिलते ही मायके पक्ष के लोग चौरसिया गांव पहुंचे।
घर के अंदर सुशीला का शव चारपाई पर पड़ा मिला। शव के पास कुल्हाड़ी और घर के मुख्य गेट के निकट कपड़ों से भरा एक बैग रखा होने की बात सामने आई है। हालांकि, बैग किसका था और वहां किन परिस्थितियों में रखा गया था, यह अभी स्पष्ट नहीं है। इन तथ्यों की जांच के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।
दो छोटे बच्चों की देखभाल को लेकर चिंता
परिजनों के अनुसार, छह वर्षीय सोहन अपने पिता के साथ है, जबकि तीन वर्षीय मेनिका और डेढ़ वर्षीय रोहन घर पर रह गए। मां की मौत के बाद दोनों बच्चे लगातार रोते रहे। मौके पर मौजूद महिलाओं ने उन्हें संभालने का प्रयास किया। छोटे बच्चे के लिए आसपास के लोगों की मदद से दूध की व्यवस्था भी कराई गई।
घटना के बाद परिवार और ग्रामीणों के सामने दोनों बच्चों की देखभाल को लेकर चिंता बनी हुई है। वहीं, छह वर्षीय बच्चे के पिता के साथ चले जाने और उनके वर्तमान ठिकाने के संबंध में स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।
शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा, पुलिस कर रही जांच
घटना की सूचना मिलने पर क्षेत्राधिकारी दीपक कुमार, अल्हागंज थानाध्यक्ष और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
शव ले जाने के दौरान मृतका के मायके पक्ष की महिलाओं और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई। परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्हें शव के पास तक जाने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया। महिलाओं ने शव को ले जाने से रोकने का प्रयास किया। बाद में पुलिस के समझाने पर वे वाहन के सामने से हट गईं।
गांव में शोक, आरोपी की तलाश का इंतजार
ग्रामीणों के मुताबिक, अवनीश के माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है और उसके चार भाई गांव में अलग-अलग घरों में रहते हैं। घटना के बाद उनके घरों पर ताले लगे होने की बात सामने आई, हालांकि उनके वहां से जाने के कारणों की पुष्टि नहीं हुई है।
फिलहाल सुशीला की मौत के वास्तविक कारणों और घटनाक्रम को लेकर पुलिस जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। पुलिस की जांच पूरी होने और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही घटना से जुड़े सभी पहलुओं की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।




