हरदोई, लक्ष्मीकान्त पाठक | वेब वार्ता
Hardoi Coaching Safety Drive के तहत लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद हरदोई प्रशासन ने सुरक्षा मानकों की व्यापक जांच शुरू कर दी है। बुधवार को शहर के कोचिंग संस्थानों, लाइब्रेरी, होटलों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में संयुक्त निरीक्षण अभियान चलाया गया। जांच के दौरान अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी और भवन उपविधियों के उल्लंघन पाए जाने पर प्रशासन ने तीन लाइब्रेरी और एक कोचिंग संस्थान को सील कर दिया, जबकि एक होटल का बिजली कनेक्शन काटकर उसके संचालन पर रोक लगा दी गई।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद शहर के शैक्षणिक और व्यावसायिक संस्थानों में हड़कंप मच गया है। कई संचालकों ने सुरक्षा व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
⚡ संक्षिप्त वार्ता (Quick Info)
- लखनऊ अग्निकांड के बाद हरदोई में चला सुरक्षा जांच अभियान
- तीन लाइब्रेरी और एक कोचिंग सेंटर सील
- एक होटल का बिजली कनेक्शन काटा गया
- कई संस्थानों में नहीं मिला फायर NOC
- बेसमेंट में संचालित प्रतिष्ठानों पर प्रशासन सख्त
संयुक्त टीम ने किया व्यापक निरीक्षण
सिटी मजिस्ट्रेट संजय सिंह के नेतृत्व में एसडीएम सदर संजय अग्रहरी, सीओ सिटी अजीत चौहान, अग्निशमन अधिकारी महेश प्रताप सिंह, विद्युत विभाग तथा नगर पालिका की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण अभियान चलाया।
कार्रवाई की जानकारी मिलते ही कई संस्थानों के संचालकों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए, लेकिन प्रशासनिक टीम ने चिन्हित स्थानों पर पहुंचकर जांच जारी रखी।
क्या है पूरा मामला?लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड के बाद प्रदेशभर में सुरक्षा मानकों की समीक्षा शुरू की गई है। इसी क्रम में हरदोई प्रशासन ने कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी, होटल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच की, जिसमें कई गंभीर खामियां सामने आईं।
कोचिंग सेंटर में मिली गंभीर सुरक्षा खामियां
जिंद पीर चौराहा स्थित विशाल कंप्यूटर एंड इंस्टीट्यूट में जांच के दौरान पाया गया कि भवन में प्रवेश और निकास के लिए केवल एक संकरा रास्ता था। आपातकालीन स्थिति में छात्रों के सुरक्षित बाहर निकलने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था मौजूद नहीं थी।
सुरक्षा मानकों के गंभीर उल्लंघन को देखते हुए प्रशासन ने संस्थान को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया।
तीन लाइब्रेरी पर भी गिरी प्रशासन की गाज
डीएम चौराहा क्षेत्र में संचालित एसएस लाइब्रेरी, फॉरएवर लाइब्रेरी और महादेव लाइब्रेरी के निरीक्षण में पाया गया कि ये सभी बेसमेंट में संचालित हो रही थीं।
इन संस्थानों में न तो आपातकालीन निकास मार्ग उपलब्ध था और न ही पर्याप्त अग्निशमन उपकरण। भवन उपविधियों के उल्लंघन और सुरक्षा व्यवस्था की कमी के चलते तीनों लाइब्रेरी को तत्काल सील कर दिया गया तथा उनके बिजली कनेक्शन भी काट दिए गए।
| संस्थान | कार्रवाई |
|---|---|
| विशाल कंप्यूटर एंड इंस्टीट्यूट | सील |
| एसएस लाइब्रेरी | सील व बिजली कनेक्शन काटा |
| फॉरएवर लाइब्रेरी | सील व बिजली कनेक्शन काटा |
| महादेव लाइब्रेरी | सील व बिजली कनेक्शन काटा |
| होटल दीप | बिजली कनेक्शन काटकर संचालन रोका गया |
होटल में भी मिली अनियमितताएं
निरीक्षण के दौरान होटल दीप में कई खामियां सामने आईं। अधिकारियों को पता चला कि होटल में आने-जाने के लिए केवल एक संकरा मार्ग है। इसके अलावा भवन का नक्शा भी संबंधित प्राधिकरण से स्वीकृत नहीं था।
जांच में बिजली मीटर खराब मिलने पर विद्युत विभाग ने तत्काल बिजली आपूर्ति बंद कर दी और सभी आवश्यक मानकों की पूर्ति तक होटल संचालन पर रोक लगा दी गई।
फायर एनओसी के बिना चल रहे थे कई संस्थान
अभियान के दौरान सबसे चिंताजनक तथ्य यह सामने आया कि निरीक्षण किए गए अधिकांश संस्थानों के पास अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) नहीं था। प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए आगे भी सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
अब आगे क्या होगा?सिटी मजिस्ट्रेट संजय सिंह के अनुसार शहर के अस्पतालों, होटलों, कोचिंग संस्थानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा। जहां भी सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिलेगा, वहां सीलिंग और विधिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जनसुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। लखनऊ जैसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी संस्थानों को सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना होगा।
📲 हरदोई और उत्तर प्रदेश की बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें




