राजमार्गों से निराश्रित गोवंशों को तत्काल आश्रय स्थलों में पहुंचाने, 1200 हेक्टेयर में हरा चारा बोने और सभी सीसीटीवी कैमरे कल तक एक्टिवेट कराने के निर्देश
लक्ष्मीकान्त पाठक
हरदोई। निराश्रित गोवंशों के संरक्षण और गोवंश आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं को लेकर मुख्य विकास अधिकारी नेहा ब्याडवाल की अध्यक्षता में बुधवार को विकास भवन सभागार में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में मॉडल गौशाला, नंदी गौशाला, सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था, हरा चारा उत्पादन तथा कम संख्या वाले गोवंश आश्रय स्थलों के संबंध में समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
मुख्य विकास अधिकारी ने सण्डीला एवं बिलग्राम रोड सहित प्रमुख राजमार्गों के आसपास विशेष अभियान चलाकर निराश्रित गोवंशों को तत्काल सुरक्षित रूप से गोवंश आश्रय स्थलों में संरक्षित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री निराश्रित/बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना के तहत जनपद को निर्धारित 1,234 गोवंश सुपुर्दगी के लक्ष्य को सभी उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी/पशु चिकित्सा अधिकारी तथा खंड विकास अधिकारी प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें।
गोवंश आश्रय स्थलों में संरक्षित प्रत्येक गोवंश के लिए प्रतिदिन 10 किलोग्राम हरा चारा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जनपद में अतिरिक्त 1,200 हेक्टेयर भूमि पर हरा चारा उत्पादन के लिए नए अनुबंध कराने के निर्देश दिए गए। सीडीओ ने कम संख्या वाले गोवंश आश्रय स्थलों की भी समीक्षा की और 50 से कम गोवंश वाले आश्रय स्थलों को बंद कर वहां संरक्षित गोवंशों को बड़े आश्रय स्थलों में शिफ्ट करने के निर्देश दिए।
बैठक में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से वर्मीकम्पोस्ट खाद, 20 हजार गोबर के दीये एवं मूर्तियां तैयार कराने पर भी जोर दिया गया। इससे गौशालाओं की गतिविधियों को आजीविका से जोड़ने की दिशा में काम किया जाएगा।
मुख्य विकास अधिकारी ने आगामी 12 अक्टूबर को होने वाले निरीक्षण को देखते हुए सभी ब्लॉकों में चयनित मॉडल गोवंश आश्रय स्थलों की व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। साथ ही सभी गोवंश आश्रय स्थलों में लगे सीसीटीवी कैमरों को अगले दिन तक अनिवार्य रूप से एक्टिवेट कराने को कहा।
बैठक में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, समस्त खंड विकास अधिकारी तथा उप/पशु चिकित्सा अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।




