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राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर मेडिकल कॉलेज में रक्तदाताओं का सम्मान

ब्लड बैंक देवीपाटन मंडल में प्रथम, प्रदेश के टॉप-10 में शामिल

बहराइच।राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के अवसर पर महाराजा सुहेलदेव स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय एवं महर्षि बालार्क चिकित्सालय, बहराइच में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति लोगों को जागरूक करना तथा रक्तदाताओं और रक्तदान के क्षेत्र में सहयोग करने वाली संस्थाओं को सम्मानित करना रहा।
मेडिकल कॉलेज बहराइच का ब्लड बैंक रक्त उपलब्धता एवं स्वैच्छिक रक्तदान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर रहा है। ब्लड बैंक देवीपाटन मंडल में प्रथम स्थान पर तथा उत्तर प्रदेश के टॉप-10 ब्लड बैंकों में शामिल है। यह उपलब्धि संस्थान के चिकित्सकों, ब्लड बैंक की टीम, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा नियमित रक्तदाताओं के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
कार्यक्रम में सर्वप्रथम उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया गया। प्रधानाचार्य डॉ. प्रो. संजय खत्री, मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं मुख्य चिकित्साधीक्षक का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। इसके साथ ही कार्यक्रम में उपस्थित सभी चिकित्सकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, स्वयंसेवी संस्था के प्रतिनिधियों एवं रक्तदाताओं का भी स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
रक्तदान के क्षेत्र में विशेष सहयोग प्रदान करने वाली स्वयंसेवी संस्था को स्मृति-चिह्न (मोमेंटो) प्रदान कर सम्मानित किया गया। वहीं रक्तदान करने वाले सभी रक्तदाताओं को उनके अमूल्य योगदान के लिए Appreciation Certificate (प्रशंसा प्रमाण-पत्र) प्रदान किए गए।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि रक्तदान केवल एक सामाजिक कार्य नहीं, बल्कि किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचाने का माध्यम है। दुर्घटना, ऑपरेशन, प्रसव तथा विभिन्न गंभीर बीमारियों में मरीजों को रक्त की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदाताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है।
प्रधानाचार्य डॉ. प्रो. संजय खत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक की उपलब्धि पूरे संस्थान के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने रक्तदाताओं एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि अधिक से अधिक स्वस्थ एवं पात्र लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि नियमित स्वैच्छिक रक्तदान से जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। समाज के प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को रक्तदान के प्रति जागरूक होना चाहिए।
मुख्य चिकित्साधीक्षक ने कहा कि रक्तदान मानव सेवा का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। रक्तदाता द्वारा दिया गया रक्त किसी जरूरतमंद के परिवार में खुशियां वापस ला सकता है। उन्होंने सभी रक्तदाताओं एवं सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी रक्तदाताओं, स्वयंसेवी संस्था, चिकित्सकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया गया।
रक्त की हर बूंद अनमोल है,
रक्तदान जीवन बचाने का संकल्प है।”

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