हरदोई | लक्ष्मीकांत पाठक | वेब वार्ता
BKU Democratic Protest के तहत गुरुवार को हरदोई जिले के कछौना कस्बे में भारतीय किसान यूनियन (लोकतांत्रिक) के बैनर तले सैकड़ों किसानों, महिलाओं और पदाधिकारियों ने क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश प्रभारी उमेश शुक्ला के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में किसानों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून व्यवस्था, खाद संकट, पेयजल समस्या, जल जीवन मिशन में अनियमितताओं और स्थानीय युवाओं को रोजगार जैसे मुद्दे उठाए। किसानों का आरोप है कि देर शाम तक प्रदर्शन के बावजूद प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं पहुंचा, जिससे प्रदर्शनकारियों में भारी रोष देखने को मिला।
- कछौना में भाकियू (लोकतांत्रिक) ने विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया।
- किसानों का आरोप है कि कोई अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं पहुंचा।
- कानून व्यवस्था, खाद संकट और पेयजल समस्या प्रमुख मुद्दे रहे।
- जल जीवन मिशन के कार्यों में अनियमितताओं का आरोप लगाया गया।
- स्थानीय युवाओं को रोजगार और ग्राम पंचायतों में नियमित सफाई व्यवस्था की मांग उठी।
- मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई।
BKU Democratic Protest: प्रशासन के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन
भारतीय किसान यूनियन (लोकतांत्रिक) के बैनर तले आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान, महिलाएं और संगठन के पदाधिकारी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लंबे समय से क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है, जिसके कारण आम जनता और किसानों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शनकारी लंगड़े दास बाबा कुटी परिसर में देर शाम तक प्रशासनिक अधिकारियों का इंतजार करते रहे। किसानों का आरोप है कि उनकी समस्याएं सुनने अथवा ज्ञापन लेने के लिए कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे किसानों में प्रशासन के प्रति नाराजगी और बढ़ गई।
कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर उठाए सवाल
बैठक के दौरान वक्ताओं ने कछौना कोतवाली पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। किसानों का आरोप था कि जिले में पुलिस अधीक्षक के स्तर पर बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर अपेक्षित सुधार नहीं दिखाई दे रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बीट सिपाहियों द्वारा वसूली की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, जबकि चोरी, अवैध पेड़ कटान और कच्ची शराब की बिक्री जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। किसानों ने इन मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
| मुख्य मांग | विवरण |
|---|---|
| कानून व्यवस्था | अवैध गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई |
| खाद उपलब्धता | सहकारी समितियों पर पर्याप्त खाद उपलब्ध कराई जाए |
| जल जीवन मिशन | लीकेज और अधूरे कार्यों को तत्काल पूरा किया जाए |
| पेयजल | ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित शुद्ध जल आपूर्ति |
| रोजगार | स्थानीय युवाओं को उद्योगों में प्राथमिकता |
जल जीवन मिशन और खाद संकट को लेकर जताई नाराजगी
किसानों ने आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन के तहत कई गांवों में पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई है। कई स्थानों पर पाइपलाइन लीकेज और टूटी टोटियों के कारण पेयजल की बर्बादी हो रही है, जबकि कई गांवों में अब भी नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है।
खाद संकट का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। किसानों का कहना है कि साधन सहकारी समितियों पर पर्याप्त खाद उपलब्ध नहीं है। चार समितियों के संचालन के लिए केवल दो सचिव तैनात होने से समितियां नियमित रूप से नहीं खुल पा रही हैं। वहीं स्टेशन पार स्थित पीसीएफ केंद्र वर्षों से बंद पड़ा है, जिससे किसानों को निजी बाजार से अधिक कीमत पर खाद खरीदनी पड़ रही है।
स्थानीय रोजगार और सफाई व्यवस्था की भी उठी मांग
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने औद्योगिक इकाइयों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने, ग्राम सभाओं में सफाई कर्मियों की नियमित तैनाती सुनिश्चित करने तथा विकास कार्यों में पारदर्शिता लाने की मांग भी की। किसानों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ कार्य करना चाहिए।
इस अवसर पर रामचंद्र यादव, प्रशांत वर्मा, राजकिशोर गिरी, शिवकुमार गौतम, अशोक गौतम, विनीत वर्मा, कमला, सीता वर्मा, ज्ञानवती वर्मा, सुशील वर्मा, शिवकांति मौर्य सहित बड़ी संख्या में किसान एवं संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।




