बलरामपुर।
कमर खान
आदर्श नगर पालिका परिषद बलरामपुर को स्वच्छ,सुंदर और कूड़ा-मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। नगर क्षेत्र में वर्षों से एकत्रित लगभग 65,000 मीट्रिक टन लिगेसी वेस्ट के वैज्ञानिक एवं पूर्ण निस्तारण के लिए अत्याधुनिक प्रोसेसिंग मशीनरी की स्थापना को ₹2 करोड़ 62 लाख 94 हजार की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

नगर पालिका अध्यक्ष डॉ.धीरेन्द्र प्रताप सिंह ‘धीरू’ के निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप यह स्वीकृति प्राप्त हुई है। इसके लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी तथा नगर विकास मंत्री श्री अरविंद कुमार शर्मा जी के मार्गदर्शन एवं सहयोग को महत्वपूर्ण बताया गया है।
वैज्ञानिक तरीके से होगा कचरे का निस्तारण
प्रस्तावित अत्याधुनिक प्रोसेसिंग मशीनरी के माध्यम से नगर में वर्षों से जमा लिगेसी वेस्ट के विशाल ढेरों की वैज्ञानिक पद्धति से छंटाई,प्रसंस्करण और समुचित निस्तारण किया जाएगा। इससे पुराने कचरे के ढेर को व्यवस्थित रूप से समाप्त करने में मदद मिलेगी तथा नगर के पर्यावरण और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में ठोस प्रगति होगी।
लिगेसी वेस्ट के वैज्ञानिक निस्तारण से कूड़ा निस्तारण स्थल पर लंबे समय से जमा कचरे का बोझ कम होगा और नगर में स्वच्छता व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी। आधुनिक तकनीक के माध्यम से कचरे के विभिन्न घटकों को अलग-अलग करने तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उनका निस्तारण किए जाने की व्यवस्था की जाएगी।
स्वच्छ और सुंदर बलरामपुर का संकल्प
नगर पालिका प्रशासन का लक्ष्य बलरामपुर को स्वच्छ,सुंदर और कूड़ा-मुक्त नगर के रूप में विकसित करना है। इस परियोजना को नगर की स्वच्छता व्यवस्था को आधुनिक और वैज्ञानिक स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
नगर पालिका अध्यक्ष डॉ.धीरेन्द्र प्रताप सिंह ‘धीरू’ ने कहा कि नगर की स्वच्छता और नागरिकों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना नगर पालिका की प्राथमिकताओं में शामिल है। लिगेसी वेस्ट के वैज्ञानिक निस्तारण की स्वीकृति से वर्षों पुरानी समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा है। उन्होंने कहा कि नगर को स्वच्छ,सुंदर और व्यवस्थित बनाने के लिए आगे भी योजनाबद्ध तरीके से कार्य जारी रहेगा।
यह परियोजना पूर्ण होने के बाद बलरामपुर नगर की स्वच्छता व्यवस्था को नई दिशा मिलने के साथ ही स्वच्छता के क्षेत्र में नगर की एक अलग पहचान बनाने में भी सहायक होगी।




