पटना, 06 जून (वेब वार्ता)। चर्चित शिक्षक फैजल खान उर्फ खान सर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी उनकी गिरफ्तारी नहीं होने से शुक्रवार शाम से शनिवार सुबह तक पटना में चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। छात्रों के बीच यह सवाल लगातार उठता रहा कि जब अन्य आरोपियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की गई, तो गंभीर धाराओं में नाम आने के बावजूद खान सर की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई। हालांकि बाद में यह जानकारी सामने आई कि वह आत्मसमर्पण की प्रक्रिया के तहत सिविल न्यायालय पहुंच गए हैं।
प्राथमिकी के बाद बढ़ीं अटकलें
गुरुवार को छात्रों के प्रदर्शन के बाद फैजल खान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने की चर्चा तेज हो गई थी। बताया गया कि कदमकुआं थाना में कांड संख्या 418/26 के तहत फैजल खान और उनके कुछ सहयोगियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उन पर शस्त्र अधिनियम और जान से मारने की कोशिश से संबंधित आरोप लगाए जाने की बात सामने आई।
हालांकि पुलिस की ओर से लंबे समय तक प्राथमिकी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई। इस बीच सामाजिक माध्यमों पर कथित प्राथमिकी की प्रति वायरल होने लगी और गिरफ्तारी तथा आत्मसमर्पण को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं।
कोचिंग के बाहर जुटे रहे छात्र
प्राथमिकी की खबर फैलने के बाद खान सर की कोचिंग के बाहर बड़ी संख्या में छात्र जुटने लगे। छात्रों का कहना था कि यदि पुलिस खान सर को गिरफ्तार करने पहुंचेगी तो वे इसका विरोध करेंगे।
शुक्रवार देर शाम से शुरू हुई छात्रों की भीड़ रात करीब एक बजे तक बनी रही। इसके बाद भी लगभग 20 से 30 छात्र शनिवार सुबह तक वहां मौजूद रहे और घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी।
पुलिस की रणनीति पर उठे सवाल
छात्रों के बीच यह चर्चा भी रही कि क्या पुलिस जानबूझकर गिरफ्तारी टाल रही है या इसके पीछे कोई रणनीतिक कारण है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, फैजल खान की गिरफ्तारी करना कठिन नहीं था, क्योंकि उन्होंने स्वयं एक वीडियो संदेश में जांच में सहयोग करने की बात कही थी।
हालांकि सूत्रों का यह भी कहना है कि कोचिंग के आसपास का माहौल संवेदनशील बना हुआ था और किसी भी कार्रवाई के बाद छात्रों की प्रतिक्रिया से कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती थी। यही वजह रही कि पुलिस लगातार ध्वनि विस्तारक यंत्रों के माध्यम से छात्रों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील करती रही।
पुलिस छावनी में तब्दील हुआ इलाका
शुक्रवार शाम बड़ी संख्या में पुलिस बल के कोचिंग संस्थान पहुंचने के बाद यह कयास लगाए जाने लगे कि कभी भी गिरफ्तारी हो सकती है। इसके बाद छात्रों का हुजूम और बढ़ गया।
हालांकि पूरी रात चले घटनाक्रम के बावजूद न तो पुलिस ने गिरफ्तारी की और न ही तत्काल आत्मसमर्पण की प्रक्रिया पूरी हो सकी। इससे छात्रों और स्थानीय लोगों के बीच उत्सुकता बनी रही।
सुबह छात्रों को मिला संदेश
शनिवार सुबह कुछ छात्रों ने दावा किया कि उन्हें समूह संदेश के माध्यम से जानकारी दी गई कि सुबह आठ बजे से 11 बजे तक खान सर की कक्षा संचालित होगी। छात्रों के अनुसार, सामान्य तौर पर शनिवार को उनकी कक्षा नहीं होती, लेकिन इस बार अचानक कक्षा की सूचना मिलने से यह चर्चा शुरू हो गई कि तत्काल गिरफ्तारी की संभावना कम हो सकती है।
फिलहाल फैजल खान के आत्मसमर्पण की प्रक्रिया और पुलिस की आगामी कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। पुलिस ने मामले की जांच जारी होने की बात कही है और आधिकारिक रूप से किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से परहेज किया है। ऐसे में आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।




